69% एनपीए रिकवरी के साथ 383 किसानों को ₹9.60 करोड़ की राहत

20-35 साल पुराने कर्ज से मुक्त हुए 383 किसान, ₹9.60 करोड़ की राहत

पुराने कर्ज का बोझ हटा, सैकड़ों किसानों को मिली नई आर्थिक शुरुआत, जोन में नंबर वन बना भूमि विकास बैंक

कोटा, 15 अप्रैल।स्मार्ट हलचल|कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 के तहत जिले में किसानों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है। योजना के अंतर्गत बीते 20 से 35 वर्षों से लंबित बकाया खातों का निस्तारण करते हुए 383 किसानों को कुल ₹9 करोड़ 60 लाख की राहत प्रदान की गई है, ऋण राहत वसूली में मभूमि विकास बैंक कोटा जोन मे प्रथम आया है.

बैंक के प्रधान कार्यालय में आयोजित समीक्षा समिति की बैठक में योजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता बैंक अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने की। इस अवसर पर उपाध्यक्ष भंवर सिंह हाड़ा, सदस्य नरसीलाल मीणा, राज्य बैंक प्रतिनिधि धर्मवीर सिंह, लेखाधिकारी, विभिन्न शाखा प्रबंधक, बैंक सचिव ऋतु सपरा एवं सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार उपस्थित रहे।
₹14.10 करोड़ की कुल वसूली, बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत
अध्यक्ष राठौड़ ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ₹4 करोड़ 50 लाख की नकद वसूली सुनिश्चित हुई है। इस प्रकार राहत और नकद वसूली को मिलाकर कुल ₹14 करोड़ 10 लाख की वसूली दर्ज की गई है।

एनपीए नियंत्रण में उल्लेखनीय प्रगति
एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) के मोर्चे पर भी बैंक ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।
31 मार्च 2025 की स्थिति में ₹494.37 लाख के एनपीए ऋणों के विरुद्ध ₹339.55 लाख की वसूली की गई, जो लगभग 69 प्रतिशत है। यह प्रदर्शन बैंक की पुनर्प्राप्ति क्षमता और प्रबंधन की दक्षता को दर्शाता है।

ऋण वितरण में भी सक्रियता
अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैंक द्वारा 110 किसानों को ₹2 करोड़ 93 लाख का ऋण वितरण किया गया, जिससे कृषि गतिविधियों को मजबूती मिली है।
किसानों के भरोसे को और मजबूत करेंगे
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने कहा कि—
“बैंक का उद्देश्य केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। वर्षों पुराने बकाया खातों का समाधान कर हमने किसानों को नई शुरुआत का अवसर दिया है। एनपीए में कमी और वसूली में वृद्धि बैंक के प्रति विश्वास को दर्शाती है। हम राज्य सरकार से योजना की अवधि बढ़ाने का आग्रह करेंगे, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।”
उन्होंने आगे कहा कि बैंक लगातार पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है तथा निकट भविष्य में लाभ की स्थिति में संचालन की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत
बैठक में विश्वास व्यक्त किया गया कि 31 मार्च 2026 की स्थिति के अनुसार बैंक लाभ अर्जित करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा चुका है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल किसानों को राहत मिली है, बल्कि बैंक की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हुई है।