Homeराज्यउत्तर प्रदेशबैठक में 14 श्रमिक संगठनों ने किया नई श्रम संहिताओं का स्वागत

बैठक में 14 श्रमिक संगठनों ने किया नई श्रम संहिताओं का स्वागत

सुनील बाजपेई

कानपुर। स्मार्ट हलचल|देश के 14 श्रमिक संगठनों ने विस्तृत विचार विमर्श के बाद हाल ही में देश में लागू हुए चारों नए श्रम संहिताओं का जोरदार स्वागत किया है।अवगत कराते चलें कि इस संदर्भ में देश के 14 मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच कॉन्फेडरेशन ऑफ़ सेंट्रल ट्रेड यूनियन (कंसेंट) की राष्ट्रीय वर्चुअल बैठक भी आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष हिरण्मय पंड्या ने की। देश के प्रमुख संगठनों के शीर्ष प्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में हाल में ही देश में लागू हुए चारों नए श्रम संहिताओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
बी.एम.एस. के महामंत्री रविन्द्र हिमते एवं कंसेंट के राष्ट्रीय संयोजक एवं एन. एफ. आई.टी.यू. के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दीपक जायसवाल द्वारा संचालित इस बैठक में बी.एम.एस. के अखिल भारतीय संगठन मंत्री बी. सुरेन्द्रन ने सभी संगठन के प्रतिनिधियों को एक्शन प्लान के बारे में मार्गदर्शन दिया।
इस बैठक में मुख्या रूप से बी.एम.एस तथा एन.एफ.आई.टी.यू. के प्रतिनिधियों के साथ-साथ टी.यू.सी.सी. के महासचिव एस.पी. तिवारी, हच.एम.के.पी. से राकेशमणि पाण्डेय, ए.आई.बी.ई.यू. के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनारायण गिरी, फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया के (एफ.एस.यू.आई.) के महासचिव कैप्टेन अतुल इंदुरकर, एच.एम.के.यू. के महासचिव इन्द्रदेव मेहतो, आई.एन.टी.यू.सी. के महासचिव के. के. तिवारी ,सचिव रजनीश सेठ, ई-श्रम कौंसिल ऑफ इंडिया के सचिव शरत नाहक, कश्मीर लेबर यूनियन के अध्यक्ष मो. अशरफ गनी, भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक यूनियन के महासचिव डॉ. परिमल कान्ति मॉडल, नेशनल फेडरेशन ऑफ फिशरी वर्कर्स के महासचिव एन. बालामुरुगन, फाइट फॉर राईट के संयोजक एडवोकेट उमंग बंसल, एन. एफ. आई.टी.यू. के महासचिव डॉ. विराट जायसवाल, सचिव सुनील कुमार और राकेश मालवीय शामिल हुए।
बैठक में इन सभी 14 श्रमिक संगठनों ने एकमत होकर कहा कि चारों नए लेबर कोड का लागू होना देश के श्रमिक वर्ग के लिए एक ऐतिहासिक, परिवर्तनकारी और अत्यंत आवश्यक सुधार है। जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के संकल्प और प्रयासों का ही परिणाम है। बैठक में सभी संगठनों ने यह भी कहा कि नए श्रम कानून देश के करोड़ों श्रमिकों, युवाओं, महिलाओं, प्रवासी मजदूरों तथा गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा, सुरक्षा मानकों और अधिकारों की मजबूत गारंटी प्रदान करेंगे। प्रतिनिधियों ने इस ऐतिहासिक निर्णय को सही मायने में श्रमिकों की जीत बताते हुए यह भी तय किया गया कि सभी संगठन देशभर में श्रमिकों और युवाओं तक नए कानूनों की सही, सरल और तथ्यात्मक जानकारी पहुँचाने के लिए ना केवल एक व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएँगे बल्कि इसके अंतर्गत ग्राउंड लेवल पर जाकर, सेमिनार, कार्यशालाएँ, नुक्कड़ नाटक, चौपाल, जनसभाएँ और जागरूकता अभियानों का भी आयोजन करेंगे। बैठक में सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर के युवा श्रमिकों से सीधे जुड़ने की रणनीति पर भी सहमति बनी और यह महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई कि कंसेंट के सभी 14 राष्ट्रीय संगठनों, नियोक्ताओं, विशेषज्ञों, उ‌द्योगों और नीति-निर्माताओं को साथ लेकर नई दिल्ली में एक बड़े नेशन लेबर एम्प्लॉयमेंट समिट का आयोजन किया जाएगा। जिसकी प्रारंभिक कार्ययोजना भी तैयार कर ली गई है और तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी।

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