लाछुड़ा से सूरजपुरा व भेरूखेड़ा को जोड़ने वाले 60 साल पुराने सार्वजनिक रास्ते पर कब्जे का आरोप, ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन; रास्ता खुलवाने की मांग

पुनित चपलोत
भीलवाड़ा।स्मार्ट हलचल।ग्राम पंचायत लाछुड़ा से सूरजपुरा और भेरूखेड़ा को जोड़ने वाले करीब 60 वर्ष पुराने सार्वजनिक मार्ग को कथित रूप से बंद किए जाने के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर रास्ता खुलवाने, अधूरा सड़क निर्माण शुरू कराने और अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों ने सार्वजनिक मार्ग को अपनी निजी खातेदारी भूमि बताते हुए उस पर कंटीली झाड़ियां डालकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है। इससे देवपुरा, सूरजपुरा और भेरूखेड़ा गांवों का आपसी संपर्क प्रभावित हो गया है।

ग्रामीण भगवान सिंह ने बताया कि रास्ता बंद होने से स्कूली बसें, दूध के टैंकर और अन्य आवश्यक वाहन गांव तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहीं बारिश के मौसम में किसानों को खाद, बीज और कृषि सामग्री लाने-ले जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों का आवागमन भी बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर डीएमएफटी योजना के तहत पीडब्ल्यूडी आसींद द्वारा सड़क निर्माण स्वीकृत हो चुका है, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में मार्ग दर्ज नहीं होने और अन्य तकनीकी कारणों से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।

ग्रामीणों ने राज्य सरकार के ‘रास्ता खोलो अभियान’ के तहत सार्वजनिक मार्ग को तत्काल खुलवाने, अवरोध करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने, मार्ग को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने तथा अधूरे सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू कर पक्की सड़क बनाने की मांग की। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को स्थायी राहत मिलेगी।