उनियारा में जानलेवा हमला-कार्रवाई के अभाव में पीड़ित दर-दर भटक रहा

– एसपी टोंक से मिलकर लगाई न्याय की गुहार-पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा।स्मार्ट हलचल|जिले के उनियारा थाना क्षेत्र में दर्ज एक गंभीर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस की ढिलाई सवालों के घेरे में है। आरोपियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित पक्ष में भारी रोष है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक टोंक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है और स्थानीय पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चतरपुरा निवासी नरोतम पुत्र भक्ति सागर मीणा ने रिपोर्ट में बताया कि 3 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5 बजे वह अपने घर पर बैठा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही आरोपी प्रेमराज पुत्र सूरजमल मीणा, जगदीशी पत्नी प्रेमराज मीणा एवं रामेती पुत्री प्रेमराज मीणा उसके घर पहुंचे। आरोप है कि सभी ने गाली-गलौज करते हुए लाठी, कुल्हाड़ी, तलवार व अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के आरोप अनुसार, घटना के बाद वह उनियारा में पंडित जी के घर रिपोर्ट लिखवा रहा था, तभी आरोपी पक्ष के गिरधारी, बनवारी, ब्रजबिहारी व जगदीशी देवी ने उसे घेर लिया और थाने में रिपोर्ट नहीं देने का दबाव बनाया। विरोध करने पर आरोपियों ने दोबारा लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट कर उसे जमीन पर पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। इतना ही नहीं, आरोप है कि गिरधारी सहित अन्य आरोपियों ने उस पर चाकू से भी हमला किया। घटना के बाद परिजन उसे पहले उनियारा अस्पताल और फिर गंभीर हालत में टोंक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका ईलाज जारी है। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित के पर्चा बयान दर्ज किए हैं। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है और वह हाल ही में जेल से छूटकर आया है, इसके बावजूद पुलिस कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रही। हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर जानलेवा हमले के बावजूद पुलिस ने मामला बीएनएस की सामान्य धाराओं में दर्ज किया है। मामले में अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। प्रकरण की जांच उनियारा थाना पुलिस के सहायक उप निरीक्षक जयनारायण गुर्जर कर रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक आरोपियों पर कार्रवाई होगी, या फिर पीड़ित को यूं ही न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा?