शिव जांगिड़
लाडपुरा | स्मार्ट हलचल।कस्बे के सामुदायिक भवन परिसर में ग्रामवासी द्वारा श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन शुक्रवार को राकेश मिश्रा महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के षष्ठम दिवस पर पूज्य महाराज श्री ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं के शेष प्रसंगों का अत्यंत रसपूर्ण एवं आध्यात्मिक वर्णन किया। कथा के अंतर्गत इन्द्र के मान-मर्दन, गोवर्धन पूजा एवं दिव्य रासलीला का सुंदर प्रसंग सुनाते हुए महाराज श्री ने कहा कि रासलीला को केवल सांसारिक दृष्टि से नहीं देखना चाहिए। यह कामलीला नहीं, बल्कि काम पर विजय प्राप्त कर शुद्ध आत्मा का परमात्मा से मिलन कराने वाली दिव्य लीला है।
इसके पश्चात रुक्मणी मंगल प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन हुआ, जिसे सुन श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर हो उठे। रुक्मणी मंगलमय कन्यादान के अवसर पर ₹15,500 की राशि समर्पित हुई।
पूज्य महाराज श्री ने सेवा एवं गौसंरक्षण की भावना से प्रेरित होकर अपनी ओर से यह राशि स्थानीय सांवरिया गोशाला को विनम्र भाव से भेंट स्वरूप समर्पित की। कथा के माध्यम से भक्तों को भक्ति के साथ सेवा, संस्कार एवं गौसेवा का संदेश भी प्रदान किया गया।
कथा विश्राम के समय भगवान श्री कृष्ण और रुक्मणी मैया के विवाह की झांकी आकर्षण का केन्द्र रही। रुक्मणी कन्यादान में 15500 की राशि प्राप्त हुई जो महाराज ने लाडपुरा की सांवरिया गौशाला में ही प्रदान कर दी।
आयोजकों ने बताया कि यह सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा प्रतिदिन सामुदायिक भवन परिसर में प्रातः 10:15 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक आयोजित की जा रही है। सात दिवसीय भागवत कथा का 30 मई को समापन होगा।
