लाडपुरा: जल उपयोक्ता संगम भवन बना नशेड़ियों का अड्डा, डामटी बांध की नहरें 5 साल से कचरे से अटी, ग्रामीण परेशान

: जन समस्या / ग्राउंड रिपोर्ट

लाडपुरा |  शिव लाल जांगिड़

स्मार्ट हलचल|लाडपुरा कस्बे में प्रशासनिक अनदेखी और विभागीय लापरवाही के चलते सार्वजनिक संपत्तियां दुर्दशा का शिकार हो रही हैं। एक ओर जहां जल उपयोक्ता संगम भवन परिसर असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का अड्डा बन गया है, वहीं दूसरी ओर सिंचाई विभाग की घोर लापरवाही के चलते डामटी खोखरा बांध की नहरें पिछले 5 सालों से कचरे से अटी पड़ी हैं।

रात होते ही छलकते हैं जाम, परिसर में फैली रहती है गंदगी

ग्रामीणों ने बताया कि जल उपयोक्ता संगम भवन परिसर रात के अंधेरे में नशा प्रवृत्ति का केंद्र बनता जा रहा है। रात के समय यहां शराब पीने वाले और असामाजिक तत्व जमा होते हैं। सुबह होते ही पूरे परिसर में शराब की बोतलें और भारी गंदगी फैली मिलती है, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाती है। यह स्थिति न केवल स्थानीय निवासियों के लिए भारी असुविधा का कारण बनी हुई है, बल्कि इलाके की सुरक्षा और शांति के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रही है।

ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल उपयोक्ता संगम भवन परिसर में पर्याप्त रोशनी (लाइटिंग) की व्यवस्था की जाए और पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि ऐसी अवांछित घटनाओं पर रोक लग सके।

5 साल से नहीं हुई सफाई, मोरी से हो रहा पानी का रिसाव

कस्बे के किसानों के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली डामटी बांध की नहरों का भी बुरा हाल है। सिंचाई विभाग की लापरवाही से पिछले 5 वर्षों से नहरों की सफाई तक नहीं हुई है। ग्रामीण बेसब्री से सफाई का इंतजार कर रहे हैं।

ग्रामवासियों का कहना है कि नहरें पूरी तरह कचरे और झाड़ियों से भरी हुई हैं, जिसके कारण पानी खेतों की टेल (अंतिम छोर) तक नहीं पहुंच पाता है। इसके बावजूद विभाग ने आज तक कोई सुध नहीं ली है।

अधिकारियों का बहाना: बजट नहीं है, रिपोर्ट का इंतजार

डामटी खोखरा बांध के अध्यक्ष नाना लाल गुर्जर ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन वे ‘बजट’ का हवाला देकर काम को टाल देते हैं। हद तो यह है कि बांध की मोरी के पास से पिछले 3 साल से पानी का रिसाव हो रहा है। अधिकारियों का रटा-रटाया जवाब है कि “चट्टान के सर्वे के लिए जयपुर के अधिकारियों को अवगत कराया गया है, वहां से रिपोर्ट आते ही काम शुरू होगा।” ग्रामीणों ने पानी के इस रिसाव से बांध की सुरक्षा को लेकर भारी खतरा और आशंका जताई है।