लाडपुरा: श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया गया गणगौर पर्व, महिलाओं ने मांगी परिवार की खुशहाली
लाडपुरा (स्मार्ट हलचल/शिव लाल जांगिड़)। लाडपुरा कस्बे में शनिवार को गणगौर पर्व का उल्लास चरम पर रहा। भगवान श्री चारभुजा नाथ मंदिर के पास स्थित ठाकुर रणजीत सिंह शक्तावत के रावले में महिलाओं ने ईसर-गणगौर की पूजा कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु की कामना की।
शिव-पार्वती के अटूट प्रेम का प्रतीक
गणगौर पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर विवाहित महिलाओं ने अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखा, वहीं कुंवारी कन्याओं ने अच्छे वर की प्राप्ति के लिए माता गौरी की आराधना की। महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर, मेहंदी लगाकर पारंपरिक लोक गीत गाए और ईसर-गौरा की मूर्तियों को सजाकर विशेष भोग लगाया।
संस्कृति और संस्कारों का संगम
- पारंपरिक वेशभूषा: महिलाएं और युवतियां राजस्थानी वेशभूषा में सज-धज कर पूजन स्थल पहुंचीं।
- बुजुर्गों का सम्मान: पूजन के बाद महिलाओं ने घर और समाज की बुजुर्ग महिलाओं के पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
- सामूहिक पूजन: रावले में हुए इस आयोजन ने सामाजिक समरसता और आपसी प्रेम का संदेश दिया।
“यह पर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा के माध्यम से हम नई पीढ़ी को अपने संस्कारों से जोड़ते हैं।” – स्थानीय महिलाएं, लाडपुरा
रिपोर्ट: शिव लाल जांगिड़, लाडपुरा




