शिव लाल जांगिड़
लाडपुरा (स्मार्ट हलचल)कस्बे में पिछले तीन सप्ताह से घरेलू गैस की भारी किल्लत बनी हुई है। बुधवार को बस स्टैंड पर भारत गैस की गाड़ी पहुंचते ही उपभोक्ताओं में अफरा-तफरी मच गई और लोग कतारों में लग गए।
क्यों हो रही है देरी?
- नया नियम: गैस वितरण के नए नियमों और OTP की अनिवार्यता ने प्रक्रिया को जटिल बना दिया है।
- लंबा वेटिंग पीरियड: ऑनलाइन बुकिंग के बाद 7 से 10 दिन तक डिलीवरी नहीं हो रही है।
- उज्ज्वला योजना: इस योजना के लाभार्थियों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बैक टू चूल्हा: लकड़ी और कोयले का सहारा
गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिलने से परेशान गृहिणियों को अब फिर से पुरानी पद्धति अपनानी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग भट्टी और इंडक्शन का उपयोग करने को मजबूर हैं। एजेंसी के चक्कर काटकर उपभोक्ता थक चुके हैं, लेकिन आपूर्ति सुचारू नहीं हो पा रही है।
“बुकिंग के अगले दिन सिलेंडर मिलना अब सपना हो गया है। 10 दिन इंतजार के बाद भी गाड़ी के पीछे दौड़ना पड़ता है।” – स्थानीय उपभोक्ता
