मुकेश गुर्जर
गंगापुर |स्मार्ट हलचल|श्री चेनामाता कुशला माता लक्षकार संस्था मेवाड़ झड़ोल द्वारा झड़ोल माता जी के मंदिर परिसर में दो दिवसीय बसंत महोत्सव 2026का भव्य आयोजन किया गया। संस्थान के अध्यक्ष रतनलाल लक्षकार ने बताया कि इस उत्सव में भक्ति, संस्कृति और सामुदायिक एकता का सुंदर समागम देखने को मिला।रात्रि में विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक नरेश राव, तिलकेश सुथारऔर अशोक लक्षकार ने माता रानी के भक्तिमय भजनों की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। भजन संध्या में दिल्ली से आए कलाकारों ने विशेष झांकियों का भी मनमोहक प्रदर्शन किया। रात भर श्रद्धालु भजन-संगीत में लीन रहे और माता रानी की भक्ति में डूबे रहे।सुबह शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालु नाचते-गाते, जयकारे लगाते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा के दौरान मंदिर निर्माण के लिए बोलियां लगाई गईं। मंदिर के मुख्य द्वार सामरन के निर्माण की बोली दो लाख रुपये में पोटला निवासी शंकर लाल, खेमराज तथा गुलाबचंद लक्षकारने लगाई। इस अवसर पर जयपुर से आए बाबू लाल तूंगा, घनश्याम लक्षकार,चांदमल चित्तौड़, प्रेमचंद, कृष्ण गोपाल लक्षकार, शान्ति लाल, दिनेश लक्षकार, जैकी लक्षकार सहित संस्थान के पदाधिकारी और समाज के अनेक बंधु उपस्थित रहे।बसंत महोत्सव में महिलाओं और पुरुषों की भारी उपस्थिति रही, जिसने पूरे कार्यक्रम को और भी भव्य बना दिया। संस्था के अध्यक्ष रतनलाल लक्षकार ने सभी श्रद्धालुओं, कलाकारों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।यह आयोजन लक्षकार समाज की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने और माता रानी की भक्ति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
