मांडलगढ़, स्मार्ट हलचल। मांडलगढ़ बार एसोसिएशन ने अधिवक्ता शराफत हुसैन पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में सोमवार को महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बार एसोसिएशन का कहना है कि घटना के कई दिन बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से अधिवक्ता समाज में भारी रोष व्याप्त है।
प्रस्ताव के अनुसार 3 जुलाई 2026 को न्यायालय परिसर के बाहर अधिवक्ता शराफत हुसैन पर विरोधी पक्ष की पैरवी करने की रंजिश में धारदार हथियारों से हमला किया गया। मौके पर मौजूद अन्य अधिवक्ताओं ने हस्तक्षेप कर उनकी जान बचाई, अन्यथा गंभीर अनहोनी हो सकती थी।
बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक न्यायिक कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा। साथ ही 7 जुलाई से न्यायालय परिसर में धरना एवं भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। इस संबंध में राजस्थान बार काउंसिल, राजस्थान बार एसोसिएशन तथा प्रदेशभर के बार संघों से आंदोलन में सहयोग का आह्वान किया गया है।
प्रस्ताव में उपखंड अधिकारी द्वारा आरोपियों को जमानत दिए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच तथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। प्रस्ताव की प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक, पुलिस अधीक्षक, राजस्थान के समस्त बार संघों एवं मीडिया को भेजी गई है।
मुख्य मांगें
- नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी।
- गिरफ्तारी तक न्यायिक कार्य का बहिष्कार।
- 7 जुलाई से धरना एवं भूख हड़ताल।
- प्रदेशभर के बार संघों से आंदोलन में सहयोग की अपील।
- प्रकरण की निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कड़ी कार्रवाई।
