रमेश जांगिड
उनियारा टोंक- स्मार्ट हलचल|सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ में चौथ माता का सात दिवसीय लक्खी मेला शुरू हो गया। रविवार शाम से ही पैदल यात्रियों का आने का सिलसिला शुरू हो गया जो सोमवार को परवान चढ़ गया। जगह-जगह चौथ माता के यात्रियों के लिए भंडारे लगाए गए हैं भंडारे में विभिन्न सेवा समितियां के सदस्य यात्रियों को मनुहार करके अनेक तरह की खाने-पीने की सुख सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। उनियारा शहर के नैनवा रोड पर पलाई कस्बे से ही उनियारा शहर तक, टोंक रोड पर ढिकोलिया, खेलनिया,उनियारा बाइपास, के अतिरिक्त उनियारा कस्बे में विभिन्न स्थान पर यात्रियों के लिए भंडारे लगाए गए हैं। शहर के इंदरगढ़ रोड पर पगड़ी खतौली झुंडवा गांव में ग्राम वासियों द्वारा माता रानी के भक्तों की सुविधाओं के लिए भंडारे में व्यवस्था की गई है। इधर शहर के सवाई माधोपुर रोड पर बाईपास की पुलिया पर खेड़ली मे व अलीगढ़ कस्बे में विशाल माता रानी का भंडारा लगाया गया है जिसमें यात्रियों के लिए खाने-पीने की सुविधा सहित गर्म पानी दवाइयां रखी गई है। उनियारा शहर से बड़ी संख्या में दुुरदराज से आने वाले माता रानी के पैदल यात्री बड़ी संख्या में निकल रहे हैं। डीजे के साथ झुंड में नाचते गाते हुए महिला पुरुष पैदल यात्री माता रानी की जयकारे लगाते हुए निकल रहे हैं। तेज सर्दी और बर्फीली हवाओ के साथ थकान भी माता के भक्तों का उत्साह कम नहीं कर पा रही है। पैदल यात्री जय माता दी के जयकारों के साथ लगातार आगे बढ़ते जा रहे हैं। भंडारे में भक्तगण श्रद्धा भाव से पैदल यात्रियों की सेवाओं में दिन-रात जुटे हुए हैं। प्रशासन भी लगातार यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगा हुआ है। पुलिस की गाड़ियां निरंतर ग्रस्त कर रही है। श्रद्धालुओं की लगातार आवा जाही से इन दिनों शहर में भक्ति, श्रद्धा और सेवा का वातावरण बना हुआ है। भंडारों में श्रद्धालुओं के लिए भोजन ,चाय, पानी और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। सर्दी को देखते हुए पैदल यात्रियों के लिए अलाव जलाए गए हैं। स्थानीय समाज सेवी संगठनों और ग्रामीण द्वारा सेवा भाव से यह भंडारे संचालित किया जा रहे हैं। उनियारा शहर से दो-तीन दिन में लगभग 1 लाख पैदल यात्रियों के गुजरने की संभावना है।













