नागौर।स्मार्ट हलचल|जिले के नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने पदभार संभालते ही अपराधियों को स्पष्ट और सख्त चेतावनी देते हुए कानून-व्यवस्था पर अपनी प्राथमिकता साफ कर दी है। अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा— “अपराधी या तो अपराध छोड़ दें, अन्यथा नागौर छोड़ दें।” एसपी के इस ओजस्वी और स्पष्ट संदेश से यह संकेत मिल गया है कि अब नागौर में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस का रुख बेहद कड़ा रहने वाला है।
राज्य सरकार की हालिया आईपीएस तबादला सूची में रोशन मीणा को नागौर जिले की कमान सौंपी गई है। इससे पहले वे जोधपुर पुलिस आयुक्तालय में पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) के रूप में कार्यरत थे, जहां उन्होंने अपराध नियंत्रण और नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाकर अपनी प्रभावी और दृढ़ कार्यशैली का परिचय दिया। उनके नेतृत्व में पुलिस ने कई जटिल और संगीन मामलों का खुलासा करते हुए अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
जोधपुर में अपने कार्यकाल के दौरान रोशन मीणा ने न केवल आपराधिक गिरोहों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक सक्रिय और परिणामोन्मुख बनाया। शहर में घटित कई गंभीर वारदातों का त्वरित खुलासा कर उन्होंने पुलिस की विश्वसनीयता को मजबूत किया। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रभावी निगरानी के चलते कई गिरोहों की गतिविधियों पर अंकुश लगा और कानून-व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखा गया।
इसके साथ ही उन्होंने शहर में फैल रहे नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े कई बड़े मामलों का पर्दाफाश किया गया। पुलिस की लगातार कार्रवाई के कारण नशा तस्करों के नेटवर्क को गहरा झटका लगा। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के उद्देश्य से चलाए गए इस अभियान को समाज के विभिन्न वर्गों से भी समर्थन मिला।
पुलिस महकमे में रोशन मीणा की पहचान एक सख्त, अनुशासित और परिणाम देने वाले अधिकारी के रूप में की जाती है। वे टीमवर्क, फील्ड में सक्रियता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। अपराध के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस नीति के कारण उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां सामने आई हैं।
अब नागौर जिले की जिम्मेदारी संभालने के बाद उनसे यहां भी अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की मजबूती और नशे के खिलाफ सशक्त अभियान चलाने की उम्मीद की जा रही है। जिले में बढ़ती आपराधिक चुनौतियों के बीच उनका अनुभव और सख्त कार्यशैली पुलिस व्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
एसपी रोशन मीणा के पहले ही संदेश ने यह साफ कर दिया है कि नागौर में अब अपराधियों के लिए कोई ढील नहीं होगी। पुलिस की सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई के दौर में कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए जिले की जमीन अब सुरक्षित नहीं मानी जा रही।
