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करंट लगने से लाइनमैन की मौत, धरने पर बैठे ग्रामीण, 7 घंटे के बाद लिखित समझौते के बाद माने धरनार्थी

पावटा/स्मार्ट हलचल/ग्राम किशनपुरा में बीती रात लाइनमैन राजेश सिंह फीडर से शटडाउन लेकर पोल पर लाइन ठीक कर रहा था। लेकिन अचानक से कर्मचारी द्वारा फीडर से लाइन को जोड़ दिया गया जिसके कारण लाइन में करंट दौड़ गया। जिसकी चपेट में लाइनमैन राजेश भी आ गया। करंट लगने से राजेश की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद शव को पावटा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग करते हुए शव लेने से इंकार कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भैंसलाना निवासी राजेश सिंह (35) किशनपुरा धुलकोट ग्रिड स्टेशन से शट डाउन लेकर 11 हजार केवी लाइन की मरम्मत कार्य कर रहा था। इस दौरान किसी ने ग्रिड से बिजली लाइन चालू कर दी। जिससे लाइनमैन राजेश सिंह की करंट लगने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे परिजन और ग्रामीणों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए बिजली निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की और धरने पर बैठ गए। जहां देर रात पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर, डीएसपी रोहित सांखला समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश की। लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। शव को पावटा मोर्चरी में रखवाया गया है। जहां पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन पहुंचे और पावटा सीएचसी में धरने पर बैठ गए। मौके पर एसडीएम कपिल उपाध्याय, तहसीलदार प्रवीण कुमार सैनी, थानाधिकारी राजेश मीणा, सहायक अभियंता विराट नगर कपिल शर्मा पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश की। ग्रामीणों ने दोषी अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की। मृतक के पिता सवाई सिंह ने बताया कि हादसे से 30 मिनट पहले राजेश से बात हुई थी। राजेश को भैंस के लिए दवाई लाने को कहा था। राजेश ने बताया कि वह 15 – 20 मिनट में काम खत्म करके दवाई लेकर घर पहुंच रहा है। मृतक राजेश सिंह के एक छोटा भाई है। घर में वही एकमात्र कमाई करने वाला था। छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। राजेश की शादी 2013 में हुई थीं। उसके चार वर्ष का एक बेटा है।
लिखित समझौते के बाद माने लोग- कर्मचारी की करंट लगने से हुई मौत की सूचना पाते ही विद्युत कर्मचारी व ग्रामीण व परिजन सीएचसी पहुंचकर धरने पर बैठ गए। प्रशासनिक अधिकारियों, विभागीय अधिकारियो द्धारा समझाईश के बाद भी धरनार्थी मांगों को लेकर टस से मस नहीं हुए। अंत में मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपए, विभाग द्वारा 8 लाख रूपये, मृतक के परिजन को अनुकंपा नियुक्ति, आंतेल सहायक अभियंता को सस्पेंड करने, दोषी कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने सहित अन्य मांगों की लिखित सहमति के बाद धरना समाप्त किया गया। पश्चात मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द किया गया।

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