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मांडलगढ़: बाणमाता शक्तिपीठ पर भक्ति का महाकुंभ, 151 गांवों की प्रभात फेरियों के साथ शुरू हुई श्रीमद् भागवत कथा

• रामलला प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर विशेष आयोजन
• 251 कलशों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा, प्रेमनारायण महाराज ने बताया जीवन का सार

मांडलगढ़। स्मार्ट हलचल |श्री बाणमाता शक्तिपीठ पर गुरुवार से श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ का शंखनाद हुआ। अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कथा के शुभारंभ पर पूरा क्षेत्र धर्ममय हो गया।

मेनाली नदी से कथा स्थल तक आस्था की लहर

कार्यक्रम की शुरुआत मेनाली नदी से हुई, जहाँ पंडित सावरमल शर्मा और बनवारी शर्मा ने वैदिक रीति से पूजा करवाई।

  • विशाल कलश यात्रा: 251 महिलाएं सिर पर कलश धारण कर चल रही थीं।
  • संगम: 151 गांवों की प्रभात फेरियां जब एक साथ मिलीं, तो नजारा देखते ही बनता था।
  • लवाजमा: घोड़े, रथ और बैंड-बाजों के साथ यात्रा मेला ग्राउंड होते हुए मंदिर परिसर पहुंची।

महाराज श्री के प्रवचन: ‘समर्पण में ही सुख’

कथा वाचक प्रेमनारायण महाराज (गेंहूखेड़ी) ने कहा कि मनुष्य 84 के फेरे में उलझा हुआ है। मन के भोग और संसार के लोभ से मुक्ति केवल ईश्वर की भक्ति से ही संभव है।

“भगवान को ‘मेरा’ मान लो और अपने सभी कार्य उनको समर्पित कर दो। यही सुखी जीवन का मूल मंत्र है।”

व्यवस्था और उपस्थिति:
कार्यक्रम में अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा, महामंत्री अमित जोशी, उपाध्यक्ष अमरनाथ योगी, लादू गुर्जर, कोषाध्यक्ष कन्हैया लाल धाकड़, शंभू सिंह शक्तावत, भगवत सिंह, नारायण लाल धाकड़, व्यवस्थापक नरेश धाकड़, अशोक जीनगर, सत्यनारायण सुथार, छीतर लाल सुथार, हीरा धाकड़, प्रदीप पोरवाल, खाना धाकड़, नारायण धाकड़, बालू सिंह, भवर कुमावत सहित सैकड़ों भक्तजन मौजूद रहे। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तक रहेगा।


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