महुआ ब्रांच की 16 सहकारी समितियों के अध्यक्ष पैक्स कर्मचारियों के समर्थन में उतरे
काछोला, स्मार्ट हलचल. राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत महुआ ब्रांच की 16 सहकारी समितियों के अध्यक्ष पैक्स कर्मचारियों के बहिष्कार के समर्थन में आ गए हैं। सभी अध्यक्षों ने अपने-अपने लिखित पत्र जिला प्रबंधक को प्रेषित कर स्पष्ट किया है कि जब तक पैक्स कर्मचारी अपना बहिष्कार समाप्त नहीं करते, तब तक महुआ ब्रांच की किसी भी सहकारी समिति में अभियान चलाना उचित नहीं होगा।
अध्यक्षों ने सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाए, ताकि सहकारी समितियां पुनः सुचारू रूप से कार्य कर सकें और किसानों को खाद, बीज तथा अन्य आवश्यक सेवाएं समय पर मिल सकें।
जीएसएस अध्यक्षों ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कार्मिकों को जिला कैडर में शामिल कर नियोक्ता निर्धारण, सहकारी बैंकों में वर्षों से रिक्त ऋण पर्यवेक्षकों के पदों पर समिति व्यवस्थापकों से ही शत-प्रतिशत नियुक्ति, तथा सभी कार्मिकों का नियमितीकरण शामिल है।
इसके अलावा समिति ने सेवा नियम 2022 में संशोधन, केंद्रीय सहकारी बैंकों में बैंकिंग सहायक के रिक्त पदों में व्यवस्थापकों के लिए आरक्षित 20 प्रतिशत कोटे में बदलाव, साथ ही आयु सीमा, अनुभव और स्क्रीनिंग जैसी बाध्यताओं को समाप्त करने की मांग भी की है।
धरने में बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे और सभी ने सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा जताई।
महुआ बैंक मैनेजर विनीत महेश्वरी को सौंपे गए ज्ञापन पर जीएसएस अध्यक्ष सरथला राधेश्याम कंजर, राजगढ़ मुकेश पाराशर, काछोला लादूलाल धाकड़, मानपुरा बद्रीलाल जाट, जलेंद्री राजकुमार पुरोहित, कल्याणपुरा अध्यक्ष समेत कुल 16 अध्यक्षों ने हस्ताक्षर किए। ये पत्र भीलवाड़ा प्रबंधन को भी भेजे गए हैं।
आपको बताते चले की सरकार द्वारा 2 अक्टूबर से सहकारी समितियां में सदस्यता अभियान चालू कर रही है, लेकिन पैक्स कर्मचारियों के हड़ताल पर होने की स्थिति में अभियान कैसे चल पाएगा, इसी को लेकर अध्यक्षों ने यह फैसला लिया है।


