एजाज़ अहमद उस्मानी
स्मार्ट हलचल|नागौर जिले में नशा तस्करों और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त तत्वों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत अब उनकी अवैध संपत्तियों पर भी सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। इसी क्रम में खींवसर क्षेत्र के पांचला सिद्धा गांव में पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम ने एक सूचीबद्ध हिस्ट्रीशीटर द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में की गई। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की सहायता से अवैध रूप से बनाए गए मकान और चारदीवारी को गिरा दिया।
*सरकारी गौचर भूमि पर किया था कब्जा*
जानकारी के अनुसार आरोपी भोपालराम बिश्नोई ने गैर मुमकिन गौचर भूमि पर अवैध कब्जा कर पक्का मकान बना रखा था। मकान के चारों ओर बाउंड्री वॉल भी खड़ी कर दी गई थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह निर्माण सरकारी जमीन पर किया गया था, जिसके बाद राजस्व नियमों के तहत बेदखली की कार्रवाई की गई।
*14 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज*
खींवसर थानाधिकारी रामनारायण भंवरिया ने बताया कि भोपालराम बिश्नोई थाना क्षेत्र का सूचीबद्ध हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, हत्या और हत्या के प्रयास सहित कुल 14 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध धन से संपत्ति तैयार की थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जब उसकी अचल संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाला गया, तो पाया गया कि मकान सरकारी भूमि पर बना हुआ है।
*राजस्व विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई*
खींवसर तहसीलदार सुरेश कुमार ने बताया कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में पुलिस की ओर से आरोपी की अवैध संपत्तियों की जांच के लिए पत्र प्राप्त हुआ था। इसके आधार पर हल्का पटवारी और आरआई की संयुक्त टीम ने पांचला सिद्धा स्थित बिश्नोईयों की ढाणी में मौके पर पहुंचकर सीमांकन और मुआयना किया।
जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होने पर धारा 91 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया और विधिक प्रक्रिया पूरी कर 19 तारीख को बेदखली आदेश जारी किए गए। सोमवार सुबह प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
*अवैध संपत्तियों पर जारी रहेगी कार्रवाई*
एसपी मृदुल कच्छावा ने कहा कि अपराधियों और तस्करों को आर्थिक रूप से कमजोर करने के उद्देश्य से यह रणनीति अपनाई गई है। अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों की जांच की जा रही है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और अवैध धंधों से अर्जित संपत्ति किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और कानून के तहत कठोर कदम उठाए जाएंगे।










