एजाज़ अहमद उस्मानी
स्मार्ट हलचल|मेड़ता रोड नगर पालिका प्रशासन ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार को व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। नगर पालिका द्वारा पूर्व में अतिक्रमणकारियों को 15 जनवरी तक स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद 16 जनवरी से प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया, जिसके तहत शुक्रवार को पीला पंजा चलाया गया।
नगर पालिका की कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई अतिक्रमणकारियों ने कार्रवाई के डर से पहले ही स्वयं अपने अवैध निर्माण हटा लिए। इसके बावजूद शहर के विभिन्न हिस्सों में शेष अतिक्रमणों को हटाने के लिए नगर पालिका ने जेसीबी मशीनों की मदद से अभियान चलाया। इस दौरान आधा दर्जन से अधिक जेसीबी मशीनें और दर्जनों ट्रैक्टर लगाए गए, जिससे अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया तेज और प्रभावी रही।
विशेष रूप से बस स्टैंड क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी नगर पालिका के साथ मुस्तैद रहा। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
नगर पालिका अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। जब तक शहर से सभी प्रकार के अतिक्रमण पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाते, तब तक यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य आमजन को सुगम यातायात, साफ-सुथरा वातावरण और सार्वजनिक स्थलों का उचित उपयोग सुनिश्चित करना है।
हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर कुछ स्थानीय नागरिकों ने सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि नगर पालिका प्रशासन ने जिन पक्के अतिक्रमणों को पहले चिन्हित किया था, उन्हें अभी तक नहीं हटाया गया, जबकि पहले उन पक्के अतिक्रमणों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी। लोगों का मानना है कि कच्चे अतिक्रमण हटाने से पहले स्थायी और पक्के अतिक्रमणों को हटाना अधिक न्यायसंगत होता।
इसके बावजूद नगर पालिका की इस कार्रवाई से शहरवासियों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से अतिक्रमण के कारण संकरी हो चुकी सड़कों और सार्वजनिक स्थलों को खाली होते देख आमजन ने प्रशासन के इस निर्णय की सराहना की है। लोगों को उम्मीद है कि यह अभियान निष्पक्ष रूप से जारी रहेगा और मेड़ता रोड शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने में प्रशासन सफल होगा।


