श्रद्धालुओं ने गौशालाओं व जरूरत मंदों को खुले हाथ किया दान
बच्चों – युवाओं ने पारंपरिक खेलों से मनाई पर्व की खुशियां, उमंग-उल्लास से मनाया संक्राति पर्व, मंदिरों में भजन कीर्तनों की रही गूंज,
शिव लाल जांगिड़
लाडपुरा स्मार्ट हलचल कस्बे में मकर संक्रांति पर्व पर लोगों ने गौशाला में गौमाता के लिए दान किया तो सांवरिया गौ सेवा संस्थान व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों द्वारा प्रभातफेरी भजन मंडली के माध्यम से घर-घर जाकर गौ सेवार्थ दान राशी तथा गेहूं जौ मक्की का धान एकत्रित किया। जिसमें दो बोरी अनाज तथा 15398/- नकद तथा कई अन्य ऑनलाइन माध्यम से राशि प्राप्त हुई। सभी दान राशी का उपयोग गौ सेवार्थ उपयोग लिया जायेगा। भारतीय हिन्दू संस्कृति के पावन त्यौहार पर मंदिरों धर्मस्थलों पर विशेष पूजाअर्चा, भजन कीर्तन, प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किये गये। वहीं धर्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धालुओं ने गायों को चारा डाल दान पुण्य किया। सुबह घने कोहरे के बाद खिली धूप निकलने पर पतंगबाजी के उत्साह को देखते हुए बच्चों ने आसमां में पतंग उड़ाने के साथ बारतीय प्राचीन सितोलिया, दही मार, मुली डंडा आदि खेलों से त्यौहार की खुशियां मनायी। स्थित चारभुजा मंदिर सहित मंदिरों में पतंगों, गुब्बारों आदि से सहने के साथ ही भगवान का आकर्षक श्रृंगार किया गया। मंदिरों में मकर संक्रांति के पर्व पर पतंगों से श्रृंगार कर विशेष सजावट की गई। गौशाला में गायों के हरा चारा लापसी खिलाई गई। वहीं, घरों में महिलाओं नेविल से बने विभिन्न प्रकार के रंजन बनाए। लोगों ने अन्न कपड़े व धन का दार किया। गोवंश को हरा चारा डाला गया। बच्चों ने पतंग बाजी की। मकर संक्रांति के पर्व पर लोगों ने दान और गायों को चारा खिलाकर कामना की। परिवार में सुख शांति की कामना की। लाडपुरा सांवरिया गौशाला अध्यक्ष नारायण सनाढ्य ने बताया कि 60 किलो दलिया की बुड की लापसी बनाकर गोवंश को खिलाई गई। मकर संक्रांति के अवसर पर लोगों ने मंदिरों में भगवान को तिल के व्यंजन अर्पित किए वहीं पशुपक्षियों को चारा दाना खिलाया। चौराहे पर लोगों ने गौ माता को हरा चारा खिलाते नजर आए तो मंदिरों में विशेष सजावट कर विभिन्न धार्मिक आयोजन संपादित किए गए। देर शाम व बच्चे पतंग उड़ाते नजर आए।


