मांडलगढ, स्मार्ट हलचल। पीपल्दा और आसपास के सभी गांवों ने एकजुट होकर मांग की है कि पीपल्दा को अलग ग्राम पंचायत बनाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान पंचायत गठन भौगोलिक दृष्टि से पूरी तरह असंगत है, जिसके कारण दूर-दराज के गांवों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि चेनपुरिया और कल्याणपुरा की दूरी मात्र 1.5 किमी है, दोनों आपस में नजदीक हैं, फिर भी दूर बसे कई गांवों को चेनपुरिया पंचायत में जोड़ दिया गया है। गांवों के आपसी मार्ग, दूरी और जनसंख्या को देखने के बाद भी सही सीमांकन नहीं किया गया, जिससे लोगों में नाराजगी फैली हुई है।
पीपल्दा केंद्र में स्थित होने के कारण आसपास के सभी गांवों—
रामपुरिया, नववपुरा, भगवानपुरा, सदार जी का खेड़ा, कावडिया खुर्द, नेवपुरा आदि—के ग्रामीण लंबे समय से यही मांग कर रहे हैं कि प्रशासन नया सीमांकन जारी कर पीपल्दा को पंचायत मुख्यालय घोषित करे।
ग्रामीणों का कहना है कि पीपल्दा में
✔ उप-स्वास्थ्य केंद्र पहले से मौजूद है
✔ क्षेत्र का भौगोलिक केंद्र भी यही है
✔ सभी गांवों की दूरी यहाँ से समान रूप से नजदीक है
इसी कारण पीपल्दा में पंचायत बनने से सभी गांवों को सुविधा होगी और प्रशासनिक कार्य भी सुचारू रूप से हो सकेंगे।
ग्रामीणों ने सामूहिक हस्ताक्षर कर प्रशासन से सही सीमांकन, पुनर्विचार और पीपल्दा को ग्राम पंचायत का दर्जा देने की मांग की है।
इस मौके सतीश जोशी पूर्व प्रधान, रामेश्वर धाकड़ पंचायत समिति सदस्य नील की खेड़ी, नारायण धाकड़ समाज सेवी ग्राम पंचायत कल्याणपुरा सरपंच पति, कान सिंह कानावत भाजपा कार्यकर्ता कासीराम जी का खेड़ा, सवात सिंह नवलपुरा, रघुवीर सिंह पीपल्दा भाजपा बूथ अध्यक्ष, किशोर बलाई पीपल्दा कांग्रेस बुथ अधक्ष, कमलेश भगवानपुरा , दिनेश रामपुरिया, सीताराम सुथार पीपल्दा एवम रामपुरिया, नवलपुरा, भगवानपुरा, नवलपुरा, सरदारजी जी का खेड़ा, पीपल्दा के समस्त ग्रामवासी मौजूद थे।













