मंगरोप।संघ के स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित हिंदू सम्मेलन के तहत रविवार को मंगरोप कस्बे में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया।आयोजन समिति के आह्वान पर क्षेत्र से बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवक एवं युवतियां सम्मेलन में शामिल हुए।पूरे कस्बे में धार्मिक उल्लास, आस्था और सामाजिक एकता का वातावरण देखने को मिला।सम्मेलन के अंतर्गत प्रातः 11 बजे सकल हिंदू समाज की महिलाओं ने सभ्य लाल परिधान धारण कर 301 कलशों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली।कलश यात्रा चारभुजा नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर मारू भांबी मोहल्ला,गर्ग मोहल्ला,शेखों के मोहल्ले,गाडरी पुरबिया मोहल्ला,हरिजन बस्ती,रैगर मोहल्ला,खटीक मोहल्ला,मुख्य बस स्टैंड एवं किर मोहल्ले से होती हुई डूंगर पाछला बालाजी पहुंची।यात्रा के दौरान स्थानीय गौ सेवा टीम एवं नवयुवक मंडल के युवकों द्वारा मनमोहक अखाड़ा प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया,जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।सम्मेलन में मंचासीन संतों एवं वक्ताओं ने हिंदू सम्मेलन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।शिव शक्ति उपासक दाता श्री कारण सिंह महाराज(मोक्षधाम आश्रम,चितौड़गढ़)ने बच्चों पर मोबाइल के दुष्प्रभावों की चर्चा करते हुए परिजनों से बच्चों को रामायण,भगवद्गीता और हनुमान चालीसा जैसे ग्रंथों से जोड़कर संस्कारवान बनाने का आग्रह किया।बंगलेश्वर महादेव के महंत जगदीश दास महाराज ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।दरियानाथ जी मंदिर के महंत हजारीनाथ महाराज ने हिंदू एकता और सामाजिक समरसता पर बल दिया।कार्यक्रम की प्रस्तावना जिला साक्षरता एवं सतत शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश मारू ने रखी।मुख्य वक्ता अखिल भारतीय साहित्य परिषद के विभाग संयोजक रामप्रसाद माणमिया ने पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण का आह्वान किया।इस अवसर पर ‘ट्रीमेन’ कानाराम गुर्जर,योगगुरु भंवरलाल सेन तथा स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी भूमिवर्धन जीनगर को सम्मानित किया गया।सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नन्हे बच्चों की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही।सम्मेलन की विशेषता रही एक पंडाल,एक पंगत और एक संगत,जिसके तहत लगभग 5000 लोगों ने एक साथ भोजन किया।विराट हिंदू सम्मेलन ने मंगरोप को सामाजिक,धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का ऐतिहासिक साक्षी बनाया।














