Homeराष्ट्रीयओमान पहुंचा भारत का 'कौंडिन्य', समुद्री रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती

ओमान पहुंचा भारत का ‘कौंडिन्य’, समुद्री रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती

शाश्वत तिवारी

मस्कट। स्मार्ट हलचल|भारतीय नौसेना का प्राचीन पाल विधि से निर्मित जहाज ‘आईएनएसवी कौंडिन्य’ 17 दिनों की कठिन यात्रा पूरी कर 14 जनवरी को ओमान के मस्कट पहुंचा। पारंपरिक शैली से निर्मित इस स्वदेशी पोत ने गुजरात के पोरबंदर से मस्कट के लिए 29 दिसंबर 2025 को अपना सफर शुरू किया था। यह भारत की समुद्री कूटनीति को मजबूत करने और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने खुशी जताते हुए कहा कि यह जहाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का प्रतीक है, जो भारत के स्वदेशी समुद्री ज्ञान, शिल्प कौशल और टिकाऊ प्रथाओं को प्रदर्शित करता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, समय के पार एक यात्रा: वे समुद्र जो जोड़ते हैं, वे इतिहास जो कायम रहते हैं। भारतीय नौसेना के सेलिंग वेसल (आईएनएसवी) कौंडिन्य ने पोरबंदर से अपनी पहली यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की और आज मस्कट पहुंचा। उन्होंने आगे कहा, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परिकल्पित, यह पारंपरिक रूप से बनाया गया सिला हुआ पाल वाला जहाज भारत और ओमान के बीच 5000 साल पुराने समुद्री, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों का एक शक्तिशाली प्रतीक है। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और ओमान के गणमान्य व्यक्तियों ने इसका गर्मजोशी से स्वागत किया।
कौंडिन्य अजंता की गुफाओं में बने चित्रों में दर्शाए गए 5वीं सदी के जहाज से प्रेरित है और इसे आधुनिक कीलों या धातु के फास्टनिंग्स के इस्तेमाल के बिना लकड़ी के तख्तों को रस्सियों व धागों से सिलकर बनाया गया है। इसका नाम महान प्राचीन भारतीय नाविक कौंडिन्य के नाम पर रखा गया है, जो भारत के स्वदेशी समुद्री ज्ञान, शिल्प कौशल और टिकाऊ प्रथाओं को प्रदर्शित करता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें आराम करने के लिए कोई कक्ष नहीं है। इसमें यात्रा कर रहे सभी क्रू मेंबर्स स्लीपिंग बैग में सोते थे। जहाज में न तो इंजन है और न ही जीपीएस। इसमें चौकोर सूती पाल और पैडल लगे हैं। यह पूरी तरह हवा के सहारे, कपड़े के पाल (सढ़) से चलता है। इसमें बिजली की भी व्यवस्था नहीं है। अन्य जहाजों को चेतावनी देने के लिए क्रू के पास केवल हेडलैंप्स थे, जिन्हें वह अपने सिर पर लगाकर रखते थे। 16 क्रू मेंबर्स ने इस पर दो सप्ताह से अधिक समय सूखा राशन, खिचड़ी और अचार खाकर बिताया।

स्मार्ट हलचल न्यूज़ पेपर 31 जनवरी 2025, Smart Halchal News Paper 31 January 2025
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