श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं ने मोहा श्रद्धालुओं का मन, गूंजे जयकारे
हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की
बन्शीलाल धाकड़
बड़ीसादड़ी। स्मार्ट हलचल|नंगाखेड़ी में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन मंगलवार को श्री रामद्वारा दिव्य आनंदधाम के संत अनंतराम शास्त्री महाराज ने अपने प्रवचनों के माध्यम से समाज को महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने बेटियों को संबोधित करते हुए कहा कि माता-पिता की सहमति के बिना अपनी इच्छा से किया गया विवाह जीवन में स्थायित्व और सफलता प्रदान नहीं कर पाता। उन्होंने परिवारों को भी बच्चों को समय पर संस्कार और धर्म की शिक्षा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। शास्त्री महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति से जुड़कर ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने बढ़ती सामाजिक चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए अभिभावकों से जागरूक रहने का आह्वान किया। अपने प्रवचन में उन्होंने भगवान की भक्ति को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि “राम नाम” का स्मरण व्यक्ति को सही मार्ग दिखाता है और जीवन को संवारता है। उन्होंने जातिगत संकीर्णता से ऊपर उठकर मानवता और सनातन के धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण जन्म एवं नंदोत्सव का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। बच्चों द्वारा प्रस्तुत श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं ने सभी का मन मोह लिया। इस दौरान पूरा पंडाल “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। भजनों की मधुर स्वर लहरियों पर युवक-युवतियां, महिलाएं एवं बुजुर्ग भक्ति में लीन नजर आए। “म्हारा सांवरिया गोकुल की गुजरियां” भजन पर श्रद्धालु विशेष रूप से झूमते दिखे। कथा में प्रतिदिन आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा में सूरज चौबीसा व उनकी टीम भजनों को मधुर स्वर दे रहे है। कथा में पूर्व प्रधान नंदलाल मेनारिया, पूर्व जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि रवि मेनारिया, राजस्थान शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं “विचार एक संगठन अनेक” के संयोजक भगवतसिंह शक्तावत सहित तीन दर्जन से अधिक गांवों से लोग सम्मिलित हुए। आरती के पश्चात सभी भक्तों के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था कथा आयोजक लालचंद बेनीवाल, बाबूलाल एवं कमलसिंह बेनीवाल द्वारा की जा रही है।
