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माता-पिता की आज्ञा का पालन करना सबसे बड़ा धर्म, कथा में किया श्री राम के वनवास का वाचन

रोहित सोनी

आसींद  । राम कथा का आयोजन नगर के प्रेम वाटिका में हो रहा है। कथा के सातवें दिन राम कथा में धर्मदास महाराज ने कथा करते हुए बताया कि माता की आज्ञा का पालन, संतो के दर्शन और देवताओं के संकल्प को पूरा करने के लिए भगवान राम वन को प्रस्थान कर गये। माता कैकयी द्वारा राम के 14 वर्ष का वनवास और भारत का राज्य अभिषेक करने की मांग की गई थी।राजकुमार राम ने अपने पिता राजा दशरथ के वचनों को रखने के लिए वन की ओर प्रस्थान कर गए ।उनके साथ भाई लक्ष्मण और सीता माता भी वन को प्रस्थान करते हैं। नदी के किनारे निषाद राज से मुलाकात केवट द्वारा गंगा नदी के पार उतारने की उतराई के रूप में भगवान की कृपा मांगना, फिर महर्षि वाल्मीकि के आदेश से चित्रकुट में वनवास प्रारम्भ किया। कथा में वर्णन सुनाया। कथा में महाराज ने बताया कि माता-पिता की आज्ञा का पालन करना सबसे बड़ा धर्म है। गुरुवार को कथा के सातवें दिन परशराम सोनी, खुबीलाल सोनी, लादू लाल छिपा, प्रभु दास वैष्णव ,भेरुलाल मेवाड़ा , गोपी कुमावत ,बलवंत सिंह चुंडावत , बालचंद शर्मा, सुनीता सोनी ,राजी देवी सोनी, उमा सोनी, जमना देवी सोनी, गोदावरी शर्मा, सुनिता तोषनीवाल, हेमा गुप्ता ,श्याम सिंह दौलतगढ़ ,रमेश टेलर, शंकर लाल शर्मा उपस्थित थे।

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