(दिनेश लक्षकार)
गंगापुर|स्मार्ट हलचल|निजी विद्यालय संघर्ष समिति और स्कूल शिक्षा परिवार के तत्वाधान में सहाड़ा गंगापुर तहसील के समस्त निजी विद्यालय के संचालकगणों ने उपखंड अधिकारी विवेक गुर्जर को अपनी मांगों के लिए ज्ञापन सोपा जिसमें शिक्षा विभाग की अव्यावहारिक कार्यप्रणाली एवं हमारी वर्षों से लंबित मांगों के समाधान हेतु यह ज्ञापन सौंपा । जिसमें ‘टी.एम.ए. पाई फाउंडेशन बनाम कर्नाटक राज्य (2002)’ के निर्णय के अनुसार, शिक्षण संस्थाओं का प्रबंधन करना हमारा संवैधानिक मौलिक अधिकार है, जिसका हनन ‘शाला संबलन’ ऐप के माध्यम से थोपे गए अनावश्यक प्रशासनिक दबाव से हो रहा है। हमारी प्रमुख मांगेंः शाला संबलन जाँच का निरस्तीकरणः ‘राज शिक्षा संबलन’ ऐप के माध्यम से थोपी गई 44 बिंदुओं वाली जाँच प्रक्रिया पूर्णतः अव्यावहारिक है और निजी संस्थानों की स्वायत्तता का हनन है। अतः इस जाँच को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। 8-10 वर्ष का विजन एवं समितिः निजी विद्यालयों के निर्बाध, स्थायी एवं स्वायत्त संचालन हेतु आगामी 8-10 वर्षों के लिए एक स्पष्ट और सरल नीति बनाई जाए। इस हेतु गठित होने वाली नीति निर्धारण समिति में सभी संगठनों के कम से कम एक-एक प्रतिनिधि को अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया जाए। आर.टी.ई. पुनर्भरणः न्यायालय के आदेशों के बावजूद लंबित पुनर्भरण का भुगतान इसी वित्तीय वर्ष में त्वरित गति से किया जाए। आर.टी.ई. पुनर्भरण सत्र समाप्ति से पूर्व हो और यूनिट कॉस्ट को प्रतिवर्ष नियमानुसार बढ़ाया जाए।प्री-प्राइमरी भुगतान एवं चेतावनीः पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के लिए लंबित आर.टी.ई. पुनर्भरण का भुगतान तुरंत किया जाए। यदि विभाग द्वारा इन कक्षाओं का भुगतान नहीं किया जाता है, तो संगठन के समस्त सदस्य इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को अध्यापन कार्य करवाने में असमर्थ होंगे।शीथलन एवं स्थान परिवर्तनः वर्ष 2012-13 के अनुरूप ‘शीथलन’ (Relaxation) पुनः दिया जाए। किराये के भवनों में संचालित विद्यालयों के लिए स्थान परिवर्तन हेतु मान्यता के समय वाले नियम ही लागू हों।अग्नि सुरक्षाः अग्नि सुरक्षा हेतु 15 मीटर ऊंचाई वाला आदेश ही मान्य रखा जाए।पोर्टल एवं भुगतान विसंगतियाँ: पी.पी.-3, पी.पी.-4, पी.पी.-5 सहित सभी लंबित क्लेमों का तत्काल भुगतान हो। यू-डायस (UDISE) एवं आर.टी.ई. पोर्टल के ‘मिसमैच’ के कारण भुगतान रोकने की प्रक्रिया समाप्त कर तकनीकी समाधान करवाए। ज्ञापन देने वालों में जीवन सिंह, गुमान सिंह,दिनेश लक्षकार,महेश शर्मा,मयंक तिवारी, गोटू सिंह, रणजीत सिंह राजेन्द्र पाराशर, विनोद पंचोली,ओमप्रकाश गोस्वामी
माया पारीक, योगिता दाधीच ,वंदना घीया सहित अनेक संचालकगण
उपस्थित रहे।
