रमेश चंद्र डाड
आकोला|स्मार्ट हलचल।बिजोलिया उपखंड अधिकारी को अभी उत्पादक किसानों ने डोडा चौराहा राष्ट्रीयकरण नहीं करने के संबंध में धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया मांग की राजस्थान व अन्य राज्यो में अफीम उत्पादक किसानों को भारत सरकार अफीम उत्पादन हेतु लाइसेंस जारी किया जाता है अफीम तो भारत सरकार जीवन रक्षक दवाइया बनाने के लिए निर्धारित मापदंड के अनुसार खरीद लेती है पर उससे बचा हुआ डोडा चूरा 2016 से पूर्व राज्य सरकार द्वारा निर्धारित ठेका पद्धति पर ₹125 प्रति किलो खरीदा जाता था जिसे राज्य सरकार ने बंद कर दीया व किसानों का डोडा चुरा नस्टीकरण का आदेश दिया हुआ है वह इस डोडा को जमींदोज किया जाता हैं जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होता है अतः राज्य सरकार से अफीम उत्पादक संघर्ष समिति राजस्थान प्रदेश की यह मांग है की अफीम किसानों को 2000/ प्रति किलो के हिसाब से डोडा चुरा का मुवावजा वजन के अनुसारदिया जाए या किसानों को यह अधिकार दिया जाए की वह अपने खेत में ही इसको डिस्प्ले /हकाई से नस्टकरण कर दे व किसान स्व घोषित प्रमाण पत्र देदे व किसानों के ऊपर इसका विश्वास किया जाए जिससे भूमि की उर्वरता भी बढ़ेगी वह किसान का शोषण मुक्त भी होगा बहुत से किसानों के कच्चे मकान होने की वजह से टोडा चुरा को सुरक्षित करना मुश्किल होता है मवेशी खा जाते हैं या बारिश में भीग जाता है ऐसे किसानों का मापदंड के अनुसार डोडा चूरा रखना संभव नहीं है अतः पुनः आपसे अनुरोध है कि जब तक किसानों को राज्य सरकार डोडा चूरा का मुआवजा 2000/ प्रति किलो के हिसाब से ना दे जब तक नष्ट करने के आदेश को स्थगित किया जाए या फिर अफीम किसानों पर विश्वास करके अपने ही खेत में नस्टी करण/ जमीदोज करने की अनुमति प्रदान करें ताकि किसान का खेत भी उपजाऊ बनेगा जैविक खेती का प्रसार भी बढ़ेगा वह सभी अफीम उत्पादक किसान डोडा चुरा का मुआवजा के उपरांत नस्तीकरण के लिए तैयार है ज्ञापन प्रांत अफीम आयाम प्रमुख/अध्यक्ष बद्रीलाल तेली व तहसील प्रमुख कैलाश धाकड़ वह अफीम किसान जगन्नाथ,वर्दी चंद ,प्रभु लाल, प्रभु लाल , चित्र लाल, रूप,शंकर, गोपाल, मांगीलाल,शंकर ,लोकेश ,अंकित, शिवदयाल, अशोक, वह बिजोलिया तहसील के लगभग सभी किसान उपस्थित थे।
