खेल संकुल में महिला-पुरूष शौचालय एक ही भवन में होने का दावा खारिज
राजस्थान उच्च न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (लोक अदालत) का फैसला किया खारिज
बूंदी, 1 मई। स्मार्ट हलचल/खेल संकुल में महिला और पुरूष शौचालय एक ही भवन में होने को लेकर दायर वाद के मामले में 20 फरवरी 2024 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (लोक अदालत) के फैसले को राजस्थान उच्च न्यायालय ने पहली ही सुनवाई में खारिज कर दिया है। राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीष महेन्द्र कुमार गोयल ने जिला विधिक सेवा प्राधिकारण (लोक अदालत) द्वारा वाद के संबंध में की गई सुलह की कार्यवाही का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करवाने पर वाद को पहली सुनवाई में ही खारिज करने के आदेश जारी किए है।
गौरतलब है कि सुश्री अलीना शेख एवं उनके वकील अजय नुवाल ने खेल संकुल में महिला एवं पुरूष शौचालय एक ही भवन में होने का दावा करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में वाद दायर किया था। प्रकरण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जिला खेल अधिकारी बूंदी पर एक लाख रुपए का जुर्माना देने का आदेश पारित किए थे। आदेश के विरूद्ध जिला खेल अधिकारी राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद की ओर से माननीय उच्च न्यायालय में अपील लगाई गई थी, जिसमें उच्च न्यायालय ने पहली ही सुनवाई में आदेश को खारिज कर दिया।
आदेश के विरूद्ध दायर अपील के लिए राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद के पैनल लॉयर जयराज टांटिया एवं राजकीय अभिभाशक योगेश यादव ने पैरवी की।













