एजाज़ अहमद उस्मानी
स्मार्ट हलचल|मेड़ता रोड विश्व हिन्दू दिवस के अवसर पर मेड़ता रोड में एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के हर वर्ग की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। संतों के सान्निध्य, राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत वातावरण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य हिन्दू एकता, सामाजिक समरसता, राष्ट्रप्रेम एवं कुटुंब प्रबोधन के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
कार्यक्रम में प्रमुख संतों के रूप में संतश्री गोरधन दास जी महाराज (प्रितमदास जी का रामद्वारा, मेड़ता रोड) एवं संतश्री सहजराम जी महाराज (कुम्पडास पौधाम) की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता तुलछाराम जी चौधरी (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, प्रांत सह सेवा प्रमुख) रहे, जिन्होंने अपने प्रेरणादायी विचारों से समाज को जागरूक किया।
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर आयोजन को गौरव प्रदान किया। इसके पश्चात माताओं-बहनों द्वारा आकर्षक रंगोली सजाई गई तथा भारत माता का विधिवत पूजन किया गया, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया।
हिन्दू सम्मेलन के उद्देश्य एवं भूमिका पर भरत जी दराधिच ने विस्तार से प्रकाश डालते हुए समाज में संगठन और संस्कारों की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में जीत-विजयराज जी शर्मा के ओजस्वी उद्बोधन ने श्रोताओं में नई ऊर्जा का संचार किया। वहीं मुकुटनी शर्मा द्वारा प्रस्तुत देशप्रेम से ओतप्रोत कविता तथा पाधल-पिधत्य कविता की प्रस्तुति ने सभी को भावविभोर कर दिया।
सूरजकला जी ने मातृशक्ति एवं कुटुंब प्रबोधन के महत्व पर प्रभावशाली विचार रखे।
संतश्री सहजराम जी महाराज ने हिन्दू समाज की एकता पर बल देते हुए संगठित रहने का आह्वान किया, जबकि संतश्री गोरधन दास जी महाराज ने सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव और सेवा भाव को समाज की शक्ति बताया।
कार्यक्रम में बच्चों की प्रस्तुतियों ने विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। गर्विता द्वारा भारत माता एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर प्रस्तुत लघु नाटिका तथा झांसी की रानी पर वैभवी शर्मा एवं वैष्णवी शर्मा की सशक्त प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया और तालियों की गूंज से वातावरण भर गया।
मुख्य वक्ता तुलछाराम जी चौधरी ने अपने उद्बोधन में सामाजिक परिवर्तन, राष्ट्रनिर्माण एवं कुटुंब प्रबोधन को समय की आवश्यकता बताते हुए सभी से सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में संकल्प, भारत माता की आरती, प्रसाद वितरण एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ आयोजन का सफल समापन हुआ।
इस भव्य आयोजन ने समाज में राष्ट्रप्रेम, हिन्दू एकता, सामाजिक समरसता एवं संस्कारों को सशक्त करने का स्पष्ट और प्रभावी संदेश दिया।













