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महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक, किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र जल्द से जल्द स्कूलों में शिफ्ट किए जाएं

जयपुर: मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में किराये के भवनों में सचांलित हो रहे आंगनबाड़ी केन्द्रों को जल्द से जल्द स्कूलों में अथवा अन्य सरकारी भवनों में शिफ्ट किया जाए. महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने राज्य में संचालित महिला हैल्प लाइन-181 में दर्ज महिला शिकायतों के निस्तारण के मामलों के डिस्पोजल की ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए.

वर्तमान स्थिति पर विस्तार से जानकारी ली:
सचिवालय में हुई महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य में संचालित हो रहे 61 हजार 613 आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन और उनकी वर्तमान स्थिति पर विस्तार से जानकारी ली. उन्होंने किराये के भवनों में संचालित राज्य के 17 प्रतिशत आंगनबाड़ी केन्द्रों को स्कूलों या विभागीय भवनों में शिफ्ट करने के लिए अधिकारियों को टारगेट देते हुए कहा कि 1 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से इन केन्द्रों को स्कूलों में शिफ्ट किया जाए.

सही स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश: 
उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल सुविधाओं को पूरा कराने के साथ ही वहां बने शौचालयों की स्वयं विजिट कर सही स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश भी दिये. आर्य ने कहा कि अधिकारी स्वयं विजिट कर यह देखें कि शौचालय उपयोग करने की स्थिति में भी है या नहीं. उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय बनाने और शौचालय में पानी की पूरी सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टरों से चर्चा करके प्रॉपर मॉडल तैयार करने के निर्देश भी दिये.

बच्चों को पोष्टिक भोजन प्राप्त होगा: 
मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में नवाचार के रूप में विकसित हो रही पोषण वाटिकाओं की सराहना करते हुए कहा कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार हो. उन्होंने कहा कि पोषण वाटिकाओं में उगाई जा रही सब्जियों के सही इस्तेमाल से बच्चों को पोष्टिक भोजन प्राप्त होगा और खाली जमीन का भी सदुपयोग होगा. मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री राजश्री योजना में अधिक से अधिक लाभार्थियों को शामिल किया जाए. उन्होंने कहा कि इसके लिए चिकित्सा विभाग से डाटा लेकर समन्वय से काम किया जा सकता है.

शिकायतों के निस्तारण की डिस्पोजल ऑडिट हो:
उन्होंने निर्देश दिए कि महिलाओं के सम्मान और संरक्षण के लिए संचालित वन स्टॉप सेन्टर- सखी केन्द्र, महिला सुरक्षा एवं सलाहकार केन्द्र तथा महिला हैल्प लाइन-181 में दर्ज हिंसा, घरेलु हिंसा की शिकायतों, पुलिस, विधिक परामर्श तथा निःशुल्क चिकित्सा के संबंध में वास्तविक जांच होनी चाहिए. इसके लिए अधिकारियों की ओर से शिकायतों के निस्तारण की डिस्पोजल ऑडिट हो.

इंदिरा गांधी मातृत्व योजना के संबंध में बताया:
इंदिरा गांधी मातृत्व योजना के संबंध में बैठक में बताया गया कि योजना में गर्भवती महिला को 5 चरणों में कुल 6 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है. पोषण अभियान के तहत शिशुओं में होने वाले नाटेपन, दुबलेपन और रक्ताल्पता में कमी आई है. डॉ. पाठक ने जानकारी दी की विभाग द्वारा एक ही स्थान पर महिलाओं के लिए ट्रैनिंग सेन्टर, उनकी कांउसलिंग, उनके ठहरने की सस्ती आवास सुविधा, महिलाओं द्वारा संचालित दुकानें, क्रेच जैसी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर विकसित करने के लिए भवन निर्माण के लिए विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार है. मुख्य सचिव ने विभाग के इस प्रस्ताव को बेहतर बताते हुए इसके लिए शीघ्र कार्य योजना तैयार करने के लिए कहा.

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