मिजोरम के राज्यपाल जनरल वी.के. सिंह बोले— निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत

पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए संगठन सदैव प्रतिबद्ध : संजय सिंह

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर भव्य सेमिनार व सम्मान समारोह आयोजित, देशभर के पत्रकार हुए सम्मानित

राकेश मीणा

नई दिल्ली। स्मार्ट हलचल|विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर Press Club of India में भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संगठन के बैनर तले पत्रकारिता, मीडिया की चुनौतियों और लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका विषय पर भव्य सेमिनार एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए वरिष्ठ पत्रकारों, मीडिया कर्मियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों ने भाग लिया। समारोह में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, मीडिया की जिम्मेदारियों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गहन मंथन हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ General V. K. Singh द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस केवल पत्रकारों का उत्सव नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को मजबूत करने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता समाज को सही दिशा देने का कार्य करती है। मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसकी मजबूती राष्ट्र की मजबूती से जुड़ी हुई है।

उन्होंने पत्रकारों से तथ्यपरक, सकारात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।*

इस अवसर पर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष Sanjay Singh ने मुख्य अतिथि जनरल वी.के. सिंह का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। स्वागत भाषण में संजय सिंह ने कहा कि भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संगठन लगातार पत्रकारों के हितों, उनकी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज की आवाज होते हैं और विषम परिस्थितियों में भी सत्य को सामने लाने का साहस रखते हैं। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पत्रकारों के संघर्ष, साहस और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

सेमिनार के दौरान मीडिया के बदलते स्वरूप, डिजिटल पत्रकारिता, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, फेक न्यूज की चुनौती और पत्रकारों की सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता केवल खबरों के संप्रेषण का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक करने और लोकतंत्र को सशक्त बनाने का प्रभावी साधन भी है। आज के डिजिटल दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है कि वे सत्य और तथ्यों के साथ समाज के सामने जानकारी रखें।

कार्यक्रम में प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े लगभग 50 पत्रकारों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और पत्रकारिता में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित पत्रकारों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। इस दौरान उपस्थित लोगों ने पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

समारोह के दौरान पूरे सभागार में पत्रकारिता के सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और समाजहित के प्रति समर्पण की भावना स्पष्ट दिखाई दी। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह ने यह संदेश दिया कि निष्पक्ष, निर्भीक और जिम्मेदार पत्रकारिता ही लोकतंत्र को मजबूत आधार प्रदान करती है