गंगापुर नगर पालिका गौशाला में विधायक के हस्तक्षेप के बाद पहुंचा खाखला, 600 गौवंश के लिए चारे का संकट हुआ उजागर

गंगापुर

(दिनेश लक्षकार)

स्मार्ट हलचल|नगरपालिका द्वारा संचालित गौशाला में चारे की व्यवस्था को लेकर पिछले कुछ समय से चल रही अव्यवस्थाएं आखिरकार सामने आ गईं। नगरपालिका प्रशासन की कथित उदासीनता के चलते गौशाला में रह रहे सैकड़ों गौवंश के लिए भूसा एवं खाखला समाप्त होने से संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस मामले की चर्चा नगर में भी लगातार हो रही थी। गौशाला में चारे की कमी की जानकारी मिलने पर विधायक लादू लाल पितलिया ने हस्तक्षेप करते हुए नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी भानु प्रताप सिंह से दूरभाष पर बात की और तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

विधायक के हस्तक्षेप के बाद अधिशासी अधिकारी ने गौशाला में खाखले की व्यवस्था करवाकर उसे डलवाया। हालांकि उपलब्ध करवाया गया खाखला लगभग चार से पांच दिन तक ही चलने की बात सामने आई है। ऐसे में गौशाला में चारे की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना नगरपालिका प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।

टेंडर निरस्त होने और भुगतान अटकने से बिगड़ी व्यवस्था

जानकारी के अनुसार नगरपालिका द्वारा संचालित गौशाला को सरकारी अनुदान भी प्राप्त होता है, इसके बावजूद गौवंश के लिए चारे की व्यवस्था प्रभावित होना कई सवाल खड़े कर रहा है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार का भुगतान नहीं होने तथा वर्तमान टेंडर निरस्त किए जाने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। समय रहते नई निविदा प्रक्रिया शुरू नहीं होने से गौशाला में चारे की नियमित आपूर्ति बाधित हुई। गुरुवार को गो भक्तों का एक दल गौशाला पहुंचा और वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। नगरवासियों का मानना है कि गौवंश की देखभाल जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में इस प्रकार की लापरवाही उचित नहीं है। नगरपालिका को शीघ्र नए टेंडर जारी कर स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि गौशाला में चारे की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रह सके और गौवंश को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

600 से अधिक गौवंश पर मात्र छह कर्मचारी, पांच माह से वेतन का इंतजार

गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर एक और गंभीर पहलू सामने आया है। नगरपालिका द्वारा गौशाला में मात्र छह कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं, जबकि यहां गौवंश की संख्या 600 से अधिक बताई जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में गौवंश की देखभाल, चारे-पानी की व्यवस्था एवं साफ-सफाई की जिम्मेदारी केवल छह कर्मचारियों के भरोसे होना भी व्यवस्थाओं को प्रभावित कर रहा है।

वहीं गौशाला कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें पिछले पांच माह से भुगतान नहीं मिला है। लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है। कर्मचारियों का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं होने से उन्हें भी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थायी समाधान की दरकार

विधायक के हस्तक्षेप से फिलहाल गौशाला में खाखले की व्यवस्था तो हो गई है, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि नगरपालिका प्रशासन गौशाला के लिए नियमित चारा आपूर्ति, नए टेंडर, कर्मचारियों के बकाया भुगतान तथा पर्याप्त कार्मिकों की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
अब देखना यह है कि नगरपालिका प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए गौशाला की व्यवस्थाओं में स्थायी सुधार करता है।