मुकेश खटीक
मंगरोप।कस्बे के लिए यह गौरवपूर्ण क्षण है,जब यहां के दो सगे भाइयों ने कम उम्र में कुरान मुकम्मल(मुख जुबानी)कर अपने माता-पिता सहित पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।दोनों भाइयों के हाफिज-ए-कुरान मुकम्मल होने पर परिवार,रिश्तेदारों और पूरे मुस्लिम समुदाय में खुशी का माहौल बना हुआ है।प्राप्त जानकारी के अनुसार हमीरगढ़ उपखण्ड क्षेत्र के मंगरोप निवासी रियाज मोहम्मद शेख के पुत्र समीर मोहम्मद शेख और नावेद मोहम्मद शेख ने सरकारें कला दारूल उलूम,उदयपुर में रहकर करीब दो वर्षों की कठिन मेहनत और लगन से कुरान मुकम्मल किया।इस उपलब्धि पर समीर मोहम्मद शेख को आलिम-ए-दीन तथा नावेद मोहम्मद शेख को कारी-ए-कुरान के खिताब से नवाजा गया है।गुरुवार देर शाम दोनों भाइयों के मंगरोप पहुंचने पर हमीरगढ़ रोड स्थित तकिया दरगाह में भव्य स्वागत किया गया।परिजनों और बड़ी संख्या में उपस्थित कस्बे के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने दोनों भाइयों को माला पहनाकर दस्तारबंदी की तथा उनकी उम्र में बरकत,तरक्की और कामयाबी के लिए दुआएं कीं।इस अवसर पर पिता रियाज मोहम्मद शेख ने भावुक होते हुए कहा कि दोनों बेटों के हाफिज-ए-कुरान बनने पर उन्हें बेहद खुशी और फख्र महसूस हो रहा है।उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चे दीन से भटक रहे हैं,ऐसे में जरूरी है कि वे दीन को अपने दिल में बसाएं।दुनियावी तालीम के साथ-साथ दीनी तालीम भी उतनी ही आवश्यक है।कुरान मुकम्मल करने के बाद दोनों भाई आगे भी दीनी तालीम जारी रखते हुए मुफ़्ती और मौलाना की पढ़ाई करना चाहते हैं।इसी खुशी में परिवार की ओर से तकिया दरगाह में जश्ने दस्तारबंदी का आयोजन किया गया,जहां सामूहिक भोज का भी कार्यक्रम रखा गया।कार्यक्रम में उदयपुर से तशरीफ लाए हजरत हाफिज मोहम्मद नज़ाए-उल-इस्लाम उर्फ हाफिजे हिन्द ने सदारत फरमाई,जबकि मौलाना अजमल अली फैजी ने निजामत की।इस मौके पर मौलाना अब्दुर्रब मकाफी,सैय्यद अनवर अली अशरफी,अकबर अली,दिलशाद खान,आरिफ अशरफी सहित अनेक धर्मगुरुओं,गणमान्य नागरिकों और क्षेत्रवासियों ने शिरकत कर दोनों भाइयों को मुबारकबाद दी।कम उम्र में इस बड़ी उपलब्धि से मंगरोप कस्बे में गर्व और खुशी का माहौल है तथा दोनों भाइयों को क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बताया जा रहा है।


