मोबाइल की लत बच्चों के भविष्य के लिए खतरा, भगवान का नाम लेकर करें हर कार्य की शुरुआत – डॉ. नागर

रामप्रसाद माली

स्मार्ट हलचल।श्रीमद्भागवत महापुराण कथा महोत्सव के द्वितीय दिवस पर कथा व्यास परम पूज्य गुरुदेव पंडित डॉ. मिथिलेश नागर ने श्रद्धालुओं को जीवनोपयोगी एवं संस्कारमय संदेश देते हुए कहा कि वर्तमान समय में छोटे बच्चों में बढ़ती मोबाइल की आदत उनके शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक सिद्ध हो रही है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को मोबाइल से दूर रखते हुए उन्हें धार्मिक एवं नैतिक संस्कार प्रदान करें।
कथा के दौरान गुरुदेव ने एक रोचक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि हम सभी फोन पर बातचीत की शुरुआत प्रायः “हेलो” शब्द से करते हैं, जबकि यदि हम अपने इष्ट देव का नाम लेकर बातचीत प्रारंभ करें तो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। उन्होंने नारद जी के जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि वे किसी भी संवाद की शुरुआत “नारायण-नारायण” कहकर करते थे। इसी प्रकार हमें भी प्रत्येक कार्य एवं वार्तालाप से पूर्व भगवान का स्मरण करना चाहिए। गुरुदेव के इस प्रेरणादायक संदेश से प्रभावित होकर कथा पंडाल में उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने “हेलो” के स्थान पर भगवान का नाम लेकर बातचीत शुरू करने का संकल्प लिया।
डॉ. नागर ने स्वच्छता का संदेश देते हुए कहा कि हमारा गांव और हमारी बस्ती हमारी माता के समान है। यदि हम अपने आसपास गंदगी फैलाएंगे तो बस्ती माता रुष्ट होगी। इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अपने निवास क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखे, जिससे समाज में सुख, समृद्धि एवं सकारात्मक वातावरण बना रहे।
कथा महोत्सव में राजस्थान सहित गुजरात, महाराष्ट्र एवं आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण का लाभ ले रहे हैं। कथा आयोजन समिति एवं आयोजन परिवार ने अधिक से अधिक धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कथा स्थल पर पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का पुण्य लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।