अनिल कुमार
ब्यावर। जिले की जवाजा पंचायत समिति के ग्राम बामनहेड़ा में एक किसान की मेहनत और सरकारी योजनाओं के तालमेल ने सफलता की नई इबारत लिख दी है। कृषक श्री किशनाराम मेघवाल, जो कभी सीमित संसाधनों और पारंपरिक खेती के कारण परिवार का भरण-पोषण करने के लिए संघर्ष कर रहे थे, आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
मार्गदर्शन से मिला संबल
किशनाराम की जिंदगी में बदलाव तब आया जब उनकी मुलाकात कृषि पर्यवेक्षक श्री मरेन्द्र कुमार धायल से हुई। पर्यवेक्षक ने उनके खेत का निरीक्षण कर आधुनिक तकनीकों और विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी। मार्गदर्शन मिलते ही किशनाराम ने वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने का निर्णय लिया।
इन योजनाओं का मिला लाभ
कृषि विभाग के सहयोग से किशनाराम को कृषि यंत्र अनुदान, सिंचाई पाइपलाइन, गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना और प्राकृतिक खेती मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ मिला। इन योजनाओं के कारण न केवल उनकी लागत कम हुई, बल्कि उत्पादन की गुणवत्ता में भी भारी सुधार हुआ।
आर्थिक स्थिति हुई सुदृढ़
आधुनिक खेती अपनाने का परिणाम यह रहा कि अब किशनाराम को मंडी में अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। ग्राम रथ अभियान के दौरान अपनी कहानी साझा करते हुए किशनाराम ने बताया कि सही जानकारी और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर कोई भी किसान आत्मनिर्भर बन सकता है।
