मोदी सरकार द्वारा दिल्ली सरकार के अधिकार कम करने के लिए बनाया गया GNCTD एक्ट लोकतंत्र की हत्या – CM गहलोत

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जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित किए गए GNCTD एक्ट की कड़ी आलोचना की है. इस बिल के पारित होने के बाद केंद्र व दिल्ली सरकार आमने-सामने हो गई है. दरअसल, इस एक्ट से अब दिल्‍ली की चुनी हुई सरकार को राज्‍य में कोई भी योजना या फैसला लागू करने से पहले उसका प्रस्‍ताव दिल्‍ली के उपराज्‍यपाल को भेजना होगा.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करके कहा कि मोदी सरकार द्वारा दिल्ली सरकार के अधिकार कम करने के लिए बनाया गया GNCTD एक्ट लोकतंत्र की हत्या है. यह एक चुनी हुई सरकार की शक्ति खत्म करना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है. सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में फैसला देते हुए चुनी हुई सरकार को ही दिल्ली का असली मुखिया बताया था.

उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार देश को फासीवादी तरीके से चलाना चाहती है. सीएम गहलोत ने कहा कि चुनावों में हेरा फेरी, निर्वाचित विधायकों की खरीद फरोख्त और दोनों में कामयाब ना होने पर संसद में बहुमत के दम पर ऐसे तानाशाही समर्थक बिल पास कर चुनी हुई सरकार की शक्तियों को खत्म करना BJP के शासन का तरीका है.

गहलोत ने कहा कि इस प्रकार तो आने वाले समय में मोदी सरकार किसी भी राज्य में चुनाव हारने पर ऐसे कानून लाकर राज्य सरकार की शक्तियों को समाप्त कर सकती है. सीएम गहलोत ने अपील की है कि मोदी सरकार के इस तानाशाही निर्णय का पार्टी लाइन से ऊपर उठकर राष्ट्रीय स्तर पर विरोध होना चाहिए.

विपक्ष में होने के दौरान BJP दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देकर अधिक अधिकारों की मांग करती थी लेकिन सत्ता में आकर ऐसे कानून लाई है. प्रधानमंत्री सहकारी संघवाद की वकालत करते हैं लेकिन ऐसे कानून बनाकर राज्य सरकारों पर केन्द्र के फैसले थोपना चाहते हैं.