राष्ट्रभक्ति, सेवा, संस्कार की भावना मजबूत करने के लिए कुटुंब-बैठकें प्रारम्भ करें

कोई हिंदू भारत विरोधी नहीं हो सकता, उसे देशभक्त होना ही पड़ेगा : मोहन भागवत
राष्ट्रभक्ति, सेवा, संस्कार की भावना मजबूत करने के लिए कुटुंब-बैठकें प्रारम्भ करें

गुरुग्राम, 12 नवंबर (आईएएनएस)| राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि कोरोना के कारण सामाजिक परिवेश में परिवर्तन आया है। इस बदलते परिवेश में स्वयंसेवकों को अपनी कार्य भूमिका बदलने की आवश्यकता है। यहां हुई आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल उत्तर क्षेत्र की बैठक में संघ के सरसंघचालक ने सेवा कार्य लगातार चलाने पर जोर दिया। बैठक में राष्ट्रभक्ति, सेवा, संस्कार की भावना मजबूत करने के लिए साप्ताहिक कुटुंब-बैठकें प्रारम्भ करने की अपील की गई। भारत की प्राचीन कुटुम्ब परंपरा में परस्पर स्नेह व सामंजस्य विशेषता रही है।

सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की मांग है। उन्होंने कहा कि जब पर्यावरण संरक्षण का विषय आता है तो जल प्रबंधन, जल के दुरुपयोग की रोकथाम, प्लास्टिक उपयोग पर रोक जैसे जागरूक अभियान चलाने होंगे। समाज में अधिक से अधिक वृक्षारोपण की अलख जगानी होगी। सभी प्रान्तों ने अपने यहां चल रहे पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों व वृक्षारोपण अभियानों की जानकारी बैठक में दी।

बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत व सरकार्यवाह सुरेश जोशी के आलावा सहसरकार्यवाहक सुरेश सोनी, दत्तात्रेय होसबले, डॉ. कृष्ण गोपाल, डॉ. मनमोहन वैद्य, मुकुंददा, चार अखिल भारतीय अधिकारी इंद्रेश, अशोक बेरी, रामलाल, जे नंदकुमार सहित पांच प्रान्तों के 43 प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

हमारें अन्य चेनल देखने के लिए निचे दिए वाक्यों पर क्लिक करे
वीडयो चेनल, भीलवाड़ा समाचार,  सभी समाचारों के साथ नवीनतम जानकारियाँ , राष्ट्रीय खबरों के साथ जानकारियाँ, स्थानीय, धर्म, नवीनतम |