(शीतल निर्भीक ब्यूरो)
लखनऊ। स्मार्ट हलचल| उत्तर-प्रदेश के कुशीनगर जिले से सामने आई यह घटना इंसानियत को झकझोर देने वाली है, जहां एक बेटे ने नशे और गुस्से में रिश्तों की हर सीमा तोड़ दी। अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के परसा गांव में सोमवार सुबह ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे गांव को सन्नाटे में डाल दिया। 30 वर्षीय सिकंदर ने पहले अपनी पत्नी प्रियंका और फिर मां रूना देवी की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोप है कि हत्या के बाद वह छत पर बैठकर शवों से मांस नोचता रहा और टुकड़े नीचे फेंकता रहा।
बताया जा रहा है कि सुबह करीब आठ बजे मां और पत्नी रोज की तरह घर की छत पर अलाव ताप रही थीं। तभी नशे की हालत में सिकंदर वहां पहुंचा। पत्नी ने शराब पीने का विरोध किया तो दोनों में तीखी बहस हो गई। गुस्से से तिलमिलाए सिकंदर ने छत पर पड़ा पत्थर उठाया और पीछे से पत्नी के सिर पर जोरदार वार कर दिया। प्रियंका वहीं गिर पड़ी। मां रूना देवी बहू को बचाने दौड़ीं, लेकिन हैवान बने बेटे ने उनके सिर पर भी उसी पत्थर से हमला कर दिया। दोनों के अचेत होते ही उसने सिर कुचलकर उनकी जान ले ली।
हत्या के बाद भी उसका पागलपन नहीं थमा। करीब डेढ़ घंटे तक वह छत पर बैठा तांडव मचाता रहा। आरोप है कि वह शवों से मांस नोचता रहा और बीच-बीच में छत से नीचे फेंकता रहा। शुरुआत में किसी को हत्या की भनक नहीं लगी। करीब साढ़े नौ बजे जब सड़क पर मांस के टुकड़े गिरे तो राहगीरों को शक हुआ। लोगों ने आवाज लगाई, लेकिन घर से कोई जवाब नहीं आया। जब कुछ युवक छत पर चढ़ने लगे तो सिकंदर ने उन पर ईंट-पत्थर चलाने शुरू कर दिए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे की मशक्कत और ग्रामीणों की मदद से आरोपी को काबू में किया गया। उसके दोनों हाथ खून से सने थे और चेहरा पूरी तरह भावशून्य था, मानो उसे अपनी दरिंदगी का कोई पछतावा ही न हो। पुलिस उसे थाने ले जा रही थी, तब भी वह बेकाबू नजर आया। हत्या में प्रयुक्त पत्थर को पुलिस ने जब्त कर लिया है।
ग्रामीणों के अनुसार, सिकंदर नशे का आदी था। चार साल की शादी के बाद भी संतान न होने से परिवार में तनाव बना रहता था। बेरोजगारी और नशे ने घर की शांति छीन ली थी। मां और पत्नी दोनों उसकी आदतों से परेशान थीं। पुलिस ने आरोपी की बहन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।परसा गांव में अब सन्नाटा पसरा है। जिस छत पर कभी परिवार साथ बैठता था, वहीं खून की लकीरों ने कलयुगी बेटे की हैवानियत और रिश्तों की दर्दनाक मौत की कहानी लिख दी है।


