नौ माह के नवजात बच्चे की गर्भ में मृत्यु के मामले में दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग
कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा के साथ सीएमएचओ से मिला पीड़ित परिवार
बूंदी – स्मार्ट हलचल|बूंदी के गागोस गाँव की बेटी नौ माह की गर्भवती खुशबू भील को गत दिनों डिलीवरी के लिये तीन दिन तक हिंडोली राजकीय चिकित्सालय में भर्ती रखने के बाद भी समय पर रेफर नहीं करने से चिकित्सकीय लापरवाही से गर्भ में ही बच्चे की म्रत्यु के मामले में मंगलवार को पीड़ित परिजनो ने राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक चर्मेश शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल के साथ बूंदी सीएमएचओ ओपी सामर को अपनी पीड़ा बतायी और दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग से लेकर।ज्ञापन दिया।इस दौरान प्रसूता के पति मुकेश भील, मां संतरा भील,जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता जगरुप सिंह रंधावा,युवा कांग्रेस जिला महासचिव अक्षत शर्मा,कैलाश बाई,ओमप्रकाश भील,चेतन रैगर, जसवीर बैरवा, साहिल कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर सीएमएचओ के विरुद्ध कड़ा आक्रोश जताया।
भ्रष्टाचार की पोल खुली तो बगले झाँकने लगे सीएमएचओ
खुशबू को हिंडोली चिकित्सालय में भर्ती करवाने वाली प्रसूता की बूंदी गागोस निवासी माँ ने सीएमएचओ के समक्ष घटना के बारे में बताते हुये स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी। सार्वजनिक रूप से भ्रष्टाचार की बात सुनकर सीएमएचओ बगले झांकने लगे। प्रसूता की मां ने सीएमएचओ से कहा कि हिंडोली चिकित्सालय में भर्ती करने के बावजूद उनकी बेटी दर्द से तड़प रही थी और उसका इलाज नहीं किया जा रहा था। सभी परिजन बार-बार इलाज शुरू करने की गुहार लगा रहे थे। वहां पर कार्यरत एक नर्स ने कहा कि पैसे दोगे तो अभी डिलीवरी करवा देंगे। अपनी बेटी और उसके होने वाले बच्चे का जीवन संकट में देखकर मजबूरी में परिजनों ने नर्स को पांच सौ रुपये दिये। नर्स और पैसे मांग रही थी लेकिन परिजनो ने कहा कि अभी ये ही है बाद में और दे देंगे।
सीने पर चढ़कर जोर से पेट दबाया
पीड़िता खुशबू भील के पति मुकेश भील व अन्य परिजनों सीएमएचओ से कहा कि पैसे देने के बाद वह नर्स खुशबू के सीने पर चढ़ गयी और जोर-जोर से पेट को दबाने लगी। लेकिन उसे डिलीवरी नहीं हुई और दर्द और ज्यादा बढ़ गया। हरिजन ने बार-बार वहां के स्टाफ से बूंदी रेफर करने की गुहार लगाई लेकिन वे वहां पर ही डिलीवरी करवाने पर अड़े रहे। और तीन दिन भर्ती के बाद जब गर्भ में ही बच्चा मर गया तब जाकर रैफर किया।
समय पर रैफर करते तो बच जाती जान
चिकित्साकीय लापरवाही से नौ माह से गर्भवती महिला के पेट में ही नवजात बच्चे की मृत्यु पर पीड़ित परिजनो ने बूंदी सीएमएचओ से कहा कि परिजनों को मजबूर कर रिश्वत के पैसों के लिये खुशबू भील को तीन दिन तक हिण्डोली में भर्ती रखा गया। उसे समय पर बूंदी रेफर कर दिया जाता तो गर्भ में बच्चे की जान बच जाती। चिकित्सकीय लापरवाही ने गर्भ में ही नौ माह के नवजात बच्चे की जान ले ली।
अमानवीय लापरवाही बर्दाश्त नही- चर्मेश शर्मा
राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक चर्मेश शर्मा ने सीएमएचओ ओपी सामर के समक्ष कड़ा आक्रोश जताते हुये कहा कि चिकित्सालय में लोग जान बचाने के लिये जाते हैं लेकिन वहां पर भ्रष्टाचार के लिये इस तरह गर्भ में ही नवजात बच्चों की जान ली जा रही है यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। शर्मा ने कहा कि इस तरह की अमन में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जगरूप सिंह रंधावा ने उच्च स्तरीय जाँच और दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही की मांग रखी। ओमप्रकाश भील ने कहा कि सप्ताह भर में पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो सीएमएचओ कार्यालय के बाहर ही आमरण अनशन प्रारंभ किया जायेगा।













