खंखला में प्रस्तावित पार्क में 5 करोड़ रुपये से निवेश के अवसर; एमएसएमई और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
कंपनी के अनुसार, समझौतों के जरिए विनिर्माण, इंजीनियरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और संबद्ध क्षेत्रों की कंपनियों ने पार्क में इकाइयां स्थापित करने में रुचि दिखाई है। नए समझौतों से राजस्थान में जिंक आधारित उद्योगों का इकोसिस्टम विकसित करने और घरेलू स्तर पर वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
समझौता करने वाली कंपनियों में गेनवेल कॉमोसैल्स प्राइवेट लिमिटेड, एपिरॉक माइनिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, साई दीपा रॉक ड्रिल्स प्राइवेट लिमिटेड, श्री नाकोड़ा इन्फ्रास्टील प्राइवेट लिमिटेड, सूर्यकिरण अर्थमूवर्स प्राइवेट लिमिटेड, जे.जी. केमिकल्स लिमिटेड, ईपीसीएम सर्विस एंड सप्लाई प्राइवेट लिमिटेड, जस्ता अलॉयज प्राइवेट लिमिटेड, जम्मू पिगमेंट्स और एम्पेक्स एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। प्रेस विज्ञप्ति में 11 एमओयू का उल्लेख है, जबकि उपलब्ध सूची में 10 कंपनियों के नाम दिए गए हैं।
हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि जिंक पार्क भारत में जिंक आधारित उद्योगों के लिए वैश्विक स्तर का औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की दीर्घकालिक सोच का हिस्सा है। उनके अनुसार, उद्योग भागीदारों की बढ़ती भागीदारी इस पहल की मजबूती दर्शाती है। कंपनी सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा और आवश्यक सुविधाओं के माध्यम से एमएसएमई, स्थानीय रोजगार और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना चाहती है।
कंपनी के मुताबिक, इससे पहले त्रिपुरा ग्रुप, सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज, ग्रुप निर्मल और सल्फोजाइम एग्रो इंडिया के साथ भी एमओयू किए जा चुके हैं। जिंक इंडस्ट्रियल पार्क की घोषणा दिसंबर 2024 में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने की थी।
प्रस्तावित पार्क में विकसित औद्योगिक भूमि, हिंदुस्तान जिंक की धातु उत्पादन क्षमता तक पहुंच, अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं का सहयोग और नई जिंक मिश्रधातुओं व उत्पादों के विकास की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। पार्क में 5 करोड़ रुपये से शुरू होने वाले निवेश के अवसर प्रस्तावित हैं। चंदेरिया, दरीबा और देबारी स्थित कंपनी की इकाइयों के निकट होने से यहां गैल्वनाइजिंग, डाई-कास्टिंग, जिंक ऑक्साइड, जिंक मिश्रधातु, वायर निर्माण और अन्य जिंक अनुप्रयोगों से जुड़े उद्योगों को आकर्षित करने की संभावना है।