हिन्दुत्व को जीवन शैली और मानवता की भावना से जोड़ने वाली पुस्तिका का लोकार्पण
चित्तौड़गढ़, स्मार्ट हलचल। डॉ. सुशीला लड्ढा द्वारा संपादित एवं प्रकाशित तथा शिव मृदुल द्वारा अंग्रेजी से हिन्दी में अनूदित पुस्तिका ‘हिन्दुत्व’ का विमोचन गुरुवार को चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी ने अपने कार्यालय में किया।
इस अवसर पर सांसद सी.पी. जोशी ने कहा कि देश में 12 वर्षों के सुशासन के अवसर पर ‘हिन्दुत्व’ पुस्तिका का विमोचन करते हुए उन्हें हर्ष की अनुभूति हो रही है। उन्होंने बताया कि पुस्तिका के प्रारंभिक पृष्ठों में हिन्दुत्व को लेकर माननीय उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी का उल्लेख किया गया है, जिसमें हिन्दुत्व को किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या संप्रदाय से नहीं, बल्कि जीवन शैली एवं मनःस्थिति के रूप में व्याख्यायित किया गया है।
सांसद जोशी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति गजेन्द्र गडकर की टिप्पणी के अनुसार हिन्दुत्व किसी धर्म, जाति या वर्ग विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे भारतीय जीवन पद्धति के व्यापक स्वरूप के रूप में समझा जा सकता है।
डॉ. सुशीला लड्ढा ने बताया कि ‘हिन्दुत्व’ पुस्तिका भारत की गौरवशाली संस्कृति, सभ्यता एवं शाश्वत जीवन मूल्यों को प्रस्तुत करने का प्रयास है। यह पुस्तिका भारतीय संस्कृति की उस परंपरा को रेखांकित करती है, जिसने भारत को विश्व गुरु के रूप में स्थापित किया।
पुस्तिका के अनुवादक शिव मृदुल ने बताया कि यह पुस्तिका हिन्दू, हिन्दुस्तान और हिन्दुत्व तीन प्रमुख खंडों में विभाजित है। इसमें हिन्दुत्व के मूल तत्वों जैसे कृतज्ञता, परोपकार, अहिंसा, मातृशक्ति का सम्मान, दया, ईमानदारी, संयम, पारिवारिक जीवन एवं विश्व बंधुत्व की भावना को विस्तार से बताया गया है।
लेखक द्वय ने जानकारी दी कि पुस्तिका में उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति के. रामास्वामी एवं न्यायमूर्ति बी.एल. हंसराय की टिप्पणियों के साथ-साथ वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंसटीन, विचारक मैक्समूलर, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों का भी समावेश किया गया है। इसके माध्यम से हिन्दुत्व की सर्वजनहिताय एवं मानव कल्याण की भावना को प्रस्तुत किया गया है।
