एमआरएफ सेंटर बना जलभराव का शिकार, बाहर जल रहा नगर का कूड़ा, लाखों की मशीन फांक रही है धूल

खखरेरू /स्मार्ट हलचल।फतेहपुर नगर पंचायत खखरेरू का लाखों रुपये की लागत से निर्मित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर बारिश के शुरुआती दौर में ही बदहाली का शिकार हो गया है। केंद्र परिसर में जलभराव होने से यह तालाब जैसा दिखाई देने लगा है। आरोप है कि नगर से एकत्र होने वाले कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के बजाय कर्मचारियों द्वारा सेंटर के बाहर ही खुले में कूड़ा जलाया जा रहा है, जिससे उठने वाला धुआं राहगीरों और आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।

नगरवासियों को उम्मीद थी कि एमआरएफ सेंटर शुरू होने के बाद नगर के ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक ढंग से पृथक्करण और पुनर्प्रसंस्करण (री-प्रोसेसिंग) किया जाएगा। लेकिन पहली ही बारिश में पूरे परिसर में जलभराव हो गया, जिससे सेंटर की कार्यप्रणाली प्रभावित हो गई। परिणामस्वरूप कूड़े का निस्तारण खुले में जलाकर किया जा रहा है।

बताया जाता है कि एमआरएफ सेंटर के भीतर कचरा प्रसंस्करण के लिए लाखों रुपये की लागत से चार मशीनें स्थापित की गई हैं तथा विद्युत कनेक्शन भी उपलब्ध है। इसके बावजूद मशीनों का उपयोग शुरू नहीं हो सका है। कूड़ा खुले में डाला और जलाया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के दावों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

एक ओर नगर पंचायत “ग्रीन खखरेरू, क्लीन खखरेरू” का नारा दे रही है, वहीं दूसरी ओर खुले में कूड़ा जलाए जाने से प्रदूषण फैलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण लाखों रुपये की परियोजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।

इस संबंध में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) डॉ. हागेंद्र सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि एम एफ आर सेन्टर पूरी तरह से चालू है वहां कहीं जल भराव की समस्या नहीं है