ठेकेदार से रिश्वत मांगने के मामले में बड़ीसादड़ी पालिकाध्यक्ष पितलिया निलंबित

ठेकेदार से रिश्वत मांगने के मामले में बड़ीसादड़ी पालिकाध्यक्ष पितलिया निलंबित

 महेन्द्र धाकड़
चित्तौड़गढ़ जिले की बड़ीसादड़ी नगर पालिकाध्यक्ष के खिलाफ एसीबी उदयपुर की ट्रैप कार्रवाई के 41 दिनों बाद सोमवार को स्वायत शासन विभाग जयपुर ने एक आदेश जारी कर निर्मल पितलिया को अध्यक्ष पद और पालिका सदस्य पद से निलंबित कर दिया है। बता दें कि भाजपाइयों ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर दोहरी नीति से कार्य करने का आरोप लगाया था।
वहीं, इसी नगर पालिका के उपाध्यक्ष मुस्तफा बोहरा ने खुद कार्य को सुचारू रूप से करने के लिए चेयरमैन को पदमुक्त करने की मांग की थी। आदेश पत्र में लिखा है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जयपुर द्वारा नगर पालिका बड़ीसादड़ी अध्यक्ष एवं वार्ड संख्या 07 के सदस्य के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के हिसाब से निर्मल पितलिया अपने साले कुश शर्मा के माध्यम से रिश्वत राशि प्राप्त करना चाहते थे, जो कि प्रथम दृष्टया प्रमाणित हुआ है। निर्मल कुमार पिपलिया द्वारा पद पर बने रहने से जांच और गवाहों पर प्रभाव डाल कर जांच प्रभावित करने की संभावना है।
इसलिए राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 46 (10) एवं धारा 39 में वर्णित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई शुरू करने का फैसला लिया। सरकार ने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (6) के प्रावधान के अंतर्गत निर्मल पिपलिया को सदस्य एवं अध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया।

यह था मामला, दो लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो उदयपुर में प्रार्थी बड़ीसादड़ी तहसील के सागरिया निवासी विष्णुदत्त पुत्र डालचंद शर्मा ने एक रिपोर्ट पालिकाध्यक्ष बड़ीसादड़ी निवासी निर्मल पिपलिया पुत्र हिम्मत सिंह पिपलिया निवासी व उसके साले कुश पुत्र सुरेशचंद्र शर्मा के खिलाफ दी थी।
रिपोर्ट में शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके बेटे की फर्म ने 2020-21 में बोहेड़ा रोड से कुवैत पैलेस होते हुए कुम्हारों के कुएं तक सड़क का डामरीकरण किया। इसके अलावा रतनलाल के घर नगर पालिका की निर्मित दुकानों तक नाली का भी निर्माण किया गया। इस काम के लिए नगर पालिका पर 3 लाख 92 हजार 692 रुपए का भुगतान बाकी है।
जब नगर पालिका अध्यक्ष निर्मल पितलिया को भुगतान करने के लिए कहा गया तो उन्होंने इसके एवज में अपना कमीशन मांगा। कमीशन के रूप में निर्मल ने 2 लाख रुपए की मांग की। इस पर परिवादी ने पालिका अध्यक्ष को साइन कर खाली चेक सौंप दिया।
इसके बाद परिवादी ने इसकी शिकायत उदयपुर ACB को की। ACB ने फिर ट्रैप किया। इस दौरान 24 मई को 2 लाख रुपए जमा हो गए थे। मंगलवार को नगर पालिका अध्यक्ष के साले कुश शर्मा साइन किया हुआ चैक लेकर SBI में रकम निकलवाने पहुंचे। ACB उदयपुर की टीम ने ट्रैप कर कुश शर्मा को बैंक में ही धर लिया। इसके बाद वे नगर पालिका अध्यक्ष के घर भी गए, लेकिन पहले से सूचना मिलने पर निर्मल पितलिया मौके से फरार हो गया।
घर से मिली थी अवैध पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस
एसीबी की टीम जब सभापति के घर पहुंची और तलाशी ली। इसमें घर से एक पिस्तौल व दो जिंदा कारतूस मिले थे। इन्हें भी जब्त कर लिया था। पिस्तौल के वैद्य लाइसेंस के संबंध में पालिकाध्यक्ष की पत्नी भावना देवी से जानकारी ली तो उन्होंने पिस्तौल लाइसेंसी होना बताया लेकिन उसकी प्रति पेश नहीं की।
इस मामले में बड़ीसादड़ी पुलिस ने पितलिया के परिजनों ने लाइसेंस पेश करने को कहा लेकिन वे नहीं कर पाए। ऐसे में बड़ीसादड़ी थाना पुलिस की ओर से निर्मल पीपलिया के मकान के बाहर एक नोटिस चस्पा कर दिया था। इस पर बड़ीसादड़ी थाना पुलिस ने पालिकाध्यक्ष निर्मल पितलिया के खिलाफ आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है।

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