रामप्रसाद माली
स्मार्ट हलचल| नगर पालिका में विकास अब ज़रूरत से नहीं, दिखावे की सुविधा से तय किया जा रहा है। शहर की बुनियादी समस्याएं जस की तस पड़ी हैं, लेकिन नगर पालिका प्रशासन गैर-जरूरी कार्यों के उद्घाटन कर झूठी वाहवाही बटोरने में व्यस्त दिखाई दे रहा है।
इसी कड़ी में बिना किसी बोर्ड चर्चा और पार्षदों की सहमति के, नगर से दूर गौशाला में नरेगा श्रमिकों को बुलाकर विधायक लादूलाल पितलिया के हाथों उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित कर दिया गया। सवाल यह है कि जब शहर की सड़कें अधूरी हैं, दुर्घटनाएं हो रही हैं, तब विकास का उद्घाटन नगर से बाहर क्यों?
नगर पालिका की इस हठधर्मिता के खिलाफ नगर पालिका उपाध्यक्ष धर्मेंद्र गहलोत, पार्षद प्रहलाद सुथार,राकेश व्यास, नीतू मनीष तिवारी एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया।
पार्षदों का साफ कहना है कि रायपुर रोड का अधूरा कार्य जानबूझकर अटका रखा गया है, जिससे आमजन को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर पालिका चैयरमेन और अधिशासी अधिकारी को कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन पिछले डेढ़ साल में एक भी नगर पालिका बोर्ड बैठक नहीं बुलाई गई।
जनहित के मुद्दों पर चर्चा से बचते हुए, प्रशासन केवल फोटो सेशन और उद्घाटन तक सीमित हो गया है। नगर पालिका बोर्ड की बैठक न बुलाना यह साबित करता है कि निर्णय विकास के लिए नहीं, बल्कि मनमर्जी और प्रचार के लिए लिए जा रहे हैं।
अब सवाल यह है कि
👉 शहर की सड़कों की जिम्मेदारी कौन लेगा?
👉 दुर्घटनाओं का जवाब कौन देगा?
👉 बोर्ड बैठक से भागने वाला प्रशासन जनता को क्या जवाब देगा?
गंगापुर की जनता अब पूछ रही है —
यह नगर पालिका है या उद्घाटन समिति?













