भीलवाड़ा । 14 वर्षीय नाबालिग को डरा धमकाकर जबरन बलात्कार करने के आरोप में दुष्कर्मी को पोक्सो कोर्ट संख्या एक के विशिष्ट न्यायाधीश बालकृष्ण मिश्र ने सजा सुनाते हुए 4 वर्ष कठोर कारावास और 20 हजार रु अर्थदंड से दंडित किया है । विशिष्ट लोक अभियोजक धर्मवीर सिंह कानावत ने इस मामले की पैरवी करते हुए 11 गवाह और 26 दस्तावेज पेश कर आरोप सिद्ध किया । प्रार्थी ने कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवाया था कर बताया की वह डेयरी बूथ चलाता है और वह ज्यादा बीमार होने के कारण अपने काम पर ध्यान नही दे पा रहा था इस दरमियान प्रार्थी के पिता बूथ पर रोजाना बैठते है और उसकी नाबालिग 14 वर्षीय पुत्री भी बूथ पर बैठती थी इस दौरान आरोपी अब्दुल मंसूरी लगातार उसकी नाबालिग पुत्री को परेशान करता और उसके साथ अश्लील हरकते करता था और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी आरोपी मोबाइल नंबर मांगता था नही देने पर परिवार को जान से मारने की धमकी देता ओर सोशल मीडिया पर उसकी पुत्री की अश्लील मैसेज करता और फेक आईडी बनाकर सोशल मीडिया कर नाबालिग के न्यूड फोटो वायरल करने की धमकी देता इसके बाद एक बार शास्त्रीनगर में बुलाकर दुष्कर्मी ने पीड़िता के साथ बलात्कार किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी । घटना के बाद पीड़िता डरी और सहमी सी रहने लगी परिजनों के कई बार पूछने के बाद भी उसने नही बताया जब एक दिन परिजनों ने प्यार से पूछा तो पीड़िता ने आपबीती बताई । जिसके बाद प्रार्थी ने कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवाया पुलिस ने पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू की ओर आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पोक्सो कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की । सुनवाई के दौरान आरोप सिद्ध होने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी को 4 साल कठोर कारावास और 20 हजार रु जुर्माने की सजा सुनाई ।
