पुनित चपलोत
भीलवाड़ा / नगर निगम की अंतिम बोर्ड बैठक मंगलवार को नगर निगम सभागार में आयोजित की गई। बैठक में महापौर राकेश पाठक द्वारा वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए 421.84 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। लगभग करीब एक से डेढ़ घंटे चली बोर्ड बैठक में प्रस्तुत बजट में शहर के बुनियादी ढांचे, सफाई व्यवस्था आधुनिकीकरण और निगम की आय बढ़ाने के लिए ठोस योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
बैठक के बीच में नगर निगम क्षेत्र में आने वाले घरों और भूखंडों से कचरा संग्रहण के नाम पर 200 रूपये तक शुल्क वसूलने के मुद्दे पर पार्षदों ने हंगामा कर दिया। जिस पर महापौर राकेश पाठक ने स्पष्ट किया कि भूखंड के आकार के आधार पर न्यूनतम 20 और अधिकतम 80 रूपये शुल्क ही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि फ्री में कुछ काम नहीं करेंगे। इसी प्रकार निगम कर्मचारियों के नियमितकरण और हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए भी पार्षद खड़े हो गए। जिस पर महापौर ने कहा कि हाईकोर्ट और सरकार के आदेशों की नियम अनुसार पालना की जाएगी।
महापौर ने सदन को अवगत कराया कि आगामी वर्ष के लिए निगम की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिसके तहत कुल प्रस्तावित आय 421 करोड़ 84 लाख (70 करोड़ 51 लाख रूपये प्रारंभिक शेष शामिल) एवं प्रस्तावित व्यय 356 करोड़ 16 लाख रूपये और अंतिम शेष 65 करोड़ 68 लाख रूपये के प्रस्ताव सदन के समक्ष रखे गए।
बैठक में सामुदायिक भवनों के नामकरण के प्रस्ताव के वक्त पार्षदों ने हंगामा करते हुए पक्षपात का आरोप लगाया और पूर्व सांसदों व विधायकों के नाम पर भी नामकरण की मांग की, जिस पर महापौर पाठक ने सहमति जताते हुए प्रस्ताव को पारित करा दिया। वहीं सामुदायिक भवनों के रियायती शुल्क के मामले को लेकर भी कुछ देर विवाद हुआ, जो कुछ देर में शांत हो गया।













