जागरूकता हमें दूसरों के प्रति जिम्मेदार बनाती है और अनुशासित समाज का निर्माण करती है – राठी
भीलवाड़ा/सड़क सुरक्षा माह को लेकर जागरूकता व यातायात नियमों और सुरक्षा उपायों के बारे में विद्यालयी छात्र छात्राओं को जानकारी के लिए राजस्थान पत्रकार परिषद द्वारा पांच दिवसीय आयोजन के पहले दिन राजेंद्र मार्ग विद्यालय में आयोजन किया गया। इस दौरान सर्वप्रथम परिषद के जिलाध्यक्ष राजेश जीनगर ने सभी आंगतुक अतिथियों का ओपरणा पहनाकर स्वागत सम्मान किया। कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए परिवहन विभाग के लवलीश टेलर ने कहा वाहनों के संचालन के तहत यातायात नियमों की जानकारी होना बहुत आवश्यक है। जिसमें हेलमेट/सीटबेल्ट पहनना, गति सीमा का पालन करना, शराब पीकर गाड़ी ना चलाना और पैदल चलते समय जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करना शामिल है। इससे सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है और किसी की जान बचाई जा सकती है। टेलर ने कहा कि जागरूकता के अभाव में हर साल लाखों लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। वहीं जागरूकता से यह संख्या कम हो सकती है। वहीं यह हमें दूसरों के प्रति जिम्मेदार बनाती है और अनुशासित समाज का निर्माण करती है। टेलर ने कहा की दुपहिया वाहन चलाते समय हमेशा उच्च क्वालिटी वाला हेलमेट पहनें और कार ड्राइव करते समय हमेशा सीट बेल्ट लगाएं। गाड़ी चलाते समय या सड़क पार करते हुए फोन का इस्तेमाल कभी ना करें। तेज गति भी दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा मुख्य कारण है। इसलिए एक समिति गति में रहें, वाहन चलाएं। नशे में वाहन कभी ना चलाएं। इससे वाहन चलाने से निर्णय लेने की क्षमता कम हो जाती है। एसडीएमसी संयोजक व विधायक प्रतिनिधि संजय राठी ने संबोधन के दौरान छात्रों को कहा की वाहन चलाते समय ट्रैफिक संकेतों का पालन आवश्यक है। लाल बत्ती, स्टॉप साइन और अन्य संकेतों का पालन जरूर करें। पैदल चलते समय हमेशा जेब्रा क्रॉसिंग से ही सड़क पार करें और दोनों तरफ देखकर चलें। वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखें और जल्दबाजी में वाहन चलाने से बचें। साथ ही सुनिश्चित करें कि आपकी गाड़ी अच्छी स्थिति में हो जिसमें टायर, लाइट, ब्रेक सही हो। बच्चों को आगे की सीट पर ना बैठाए, उनके लिए बाल सुरक्षा सीटों का उपयोग करें। इसके साथ ही अनावश्यक हॉर्न बजाकर ध्वनि प्रदुषण से बचें इससे दूसरों का ध्यान भी भंग होता है। जिलाध्यक्ष राजेश जीनगर ने कहा की सड़क सुरक्षा सिर्फ नियम नहीं, बल्कि एक आदत है जो जीवन बचाती है, इसलिए “सड़क सुरक्षा, जिम्मेदारी हमारी” इस मंत्र को हमेशा अपनाएं। जीनगर ने छात्रों से विशेष अपील करते हुए कहा की नाबालिग छात्र छात्राएं दुपहिया चौपहिया वाहनों को ना चलाएं। इससे वो भारी भरकर जुर्माने से तो बचेंगे ही बडी दुर्घटना से भी बचेंगे। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की उपाचार्य अंकिता उपाध्याय, परिषद के बालगोविंद व्यास, देवेन्द्र सिंह नाथावत, राजकुमार गोयल, सुनीता शर्मा मौजूद रही, जबकी संचालन भागचंद जैन ने किया।













