एक साथी डिटेन,कार और पिस्टल,जब्त
पुनित चपलोत
भीलवाड़ा, स्मार्ट हलचल / शहर के पुर थाना क्षेत्र में रविवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब हाथी भाटा आश्रम के पास पुर पुलिस, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और हथियारबंद बदमाशों के बीच जोरदार मुठभेड़ हो गई। इस सनसनीखेज मुठभेड़ में जयपुर फायरिंग कांड का वांछित अपराधी जितेंद्र सिंह (30) पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हो गया, जबकि एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के इंचार्ज हेड कांस्टेबल कालूराम धायल बाल-बाल बच गए। बदमाश द्वारा चलाई गई गोली उनकी बुलेट प्रूफ जैकेट में जा धंसी।
जयपुर फायरिंग के बाद भीलवाड़ा की ओर आए थे बदमाश
पुलिस सूत्रों के अनुसार जयपुर क्षेत्र में दो दिन पहले फायरिंग की गंभीर वारदात को अंजाम देने के बाद हथियारबंद बदमाशों के भीलवाड़ा की ओर आने की सूचना जयपुर पुलिस से मिली थी। सूचना मिलते ही भीलवाड़ा पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स अलर्ट हो गई और बदमाशों को पकड़ने के लिए विशेष नाकाबंदी की योजना बनाई गई।
हाथी भाटा आश्रम के समीप नाकाबंदी, कार रुकते ही की फायरिंग
पुर थाना प्रभारी कन्हैया लाल के नेतृत्व में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के इंचार्ज कालूराम धायल तथा कांस्टेबल बनवारी लाल बिश्नोई, राकेश भंडारी, असलम, घेवरचंद और घीसूलाल के साथ हाथी भाटा आश्रम के पास नाकाबंदी की गई। इसी दौरान मांडल की ओर से आती एक ग्लैंजा कार को रोकने का इशारा किया गया।
कार रुकते ही उसमें सवार जितेंद्र सिंह, जो जयपुर फायरिंग मामले में वांछित बताया जा रहा है, उस ने अचानक पिस्तौल निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। बदमाश की गोली सीधे एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स इंचार्ज कालूराम धायल की बुलेट प्रूफ जैकेट में लगी, जिसके चलते उनकी जान बच गई।
जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में लगी गोली
पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स इंचार्ज कालूराम धायल द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में जितेंद्र सिंह के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस टीम ने मौके पर ही उसे काबू में ले लिया।
एक साथी डिटेन, हथियार और कार जब्त
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने जितेंद्र सिंह के साथ मौजूद उसके साथी संदीप को भी डिटेन कर लिया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक पिस्टल और वारदात में प्रयुक्त कार को जब्त कर लिया है। घायल जितेंद्र सिंह को उपचार के लिए महात्मा गांधी जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
पुलिस अधीक्षक पहुंचे अस्पताल
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव भी महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस अब दोनों आरोपितों से गहन पूछताछ कर रही है तथा जयपुर फायरिंग कांड से जुड़े अन्य अपराधियों और नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।













