देशभर के 300 से अधिक आर्किटेक्ट्स, इंजीनियर्स और इंटीरियर डिज़ाइनर्स होंगे शामिल, कोटा की विरासत और आधुनिक विकास मॉडल से होंगे रूबरू
कोटा। स्मार्ट हलचल|देश के आर्किटेक्चर, इंजीनियरिंग, इंटीरियर डिज़ाइन एवं भवन निर्माण क्षेत्र के अग्रणी विशेषज्ञों का राष्ट्रीय सम्मेलन ‘नेक्संगम कोटा 2026’ 8 एवं 9 अगस्त को पहली बार कोटा में आयोजित होगा। दो दिवसीय इस आयोजन में देशभर से 300 से अधिक आर्किटेक्ट्स, इंजीनियर्स एवं इंटीरियर डिज़ाइनर्स भाग लेंगी। आयोजन का उद्देश्य निर्माण क्षेत्र में नवाचार, ज्ञान-विनिमय, तकनीकी उत्कृष्टता और सांस्कृतिक समन्वय को एक साझा मंच प्रदान करना है।
आयोजन के प्रथम दिवस 8 अगस्त को बूंदी रोड स्थित तिरुपति रिसोर्ट में निर्माण एक्सपो, नॉलेज सेशन और गाला नाइट का आयोजन होगा। इस दौरान देश की अग्रणी निर्माण सामग्री एवं तकनीकी कंपनियाँ अपने नवीनतम उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन करेंगी, जबकि विशेषज्ञ भवन निर्माण, वास्तुकला, शहरी नियोजन एवं आधुनिक तकनीकों पर विचार साझा करेंगे।
कार्यक्रम में आर्किटेक्ट राजीव खन्ना एवं आर्किटेक्ट रवीना खन्ना ‘लैंडस्केप एवं डिज़ाइन’ विषय पर व्याख्यान देंगे। आर्किटेक्ट डॉ. अर्चना राठौड़ एवं आर्किटेक्ट नरेंद्र सिंह राठौड़ ‘आर्किटेक्चर के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका’ पर अपने विचार रखेंगे। वहीं आर्किटेक्ट कपिल सेठिया ‘चंडीगढ़ टाउन प्लानिंग’ विषय पर विशेष प्रस्तुति देंगे। कोटा की स्थापत्य विरासत एवं विकास यात्रा पर आर्किटेक्ट निरुत्तम सिंह राठौड़, आर्किटेक्ट राजेश गुप्ता एवं आर्किटेक्ट ब्रजेश मुक्तावत अपने विचार साझा करेंगे।
दूसरे दिन 9 अगस्त को प्रतिभागियों के लिए चंबल रिवर फ्रंट आर्किटेक्चर इंस्पिरेशन वॉक आयोजित की जाएगी। इस दौरान प्रतिनिधि रिवर फ्रंट की वास्तुकला एवं इंजीनियरिंग का अध्ययन करेंगे। कार्यक्रम में हेरिटेज वॉक, लाइव स्केचिंग, अनुभवात्मक भ्रमण (एक्सपीरिएंशियल एक्सप्लोरेशन) तथा कोटा के पारंपरिक व्यंजनों का विशेष स्वाद भी शामिल रहेगा। समापन समारोह लेमन ट्री होटल के ग्रैंड चैंबर में आयोजित होगा।
आयोजन की जानकारी देते हुए कमलेश शर्मा, आर्किटेक्ट पीयूष लाहोटी, इंजीनियर मनीष जैन, इंजीनियर जे. के. शर्मा एवं इंटीरियर डिज़ाइनर सौरभ शर्मा ने बताया कि ‘नेक्संगम कोटा 2026’ का उद्देश्य कोटा को केवल शिक्षा नगरी ही नहीं, बल्कि देश के उभरते आर्किटेक्चर, इंजीनियरिंग एवं डिज़ाइन हब के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन भविष्य में देश के विभिन्न शहरों को ज्ञान, नवाचार और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने वाला एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच बनेगा।
