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चारु मित्रा की पुण्यतिथि मनाई

चारु मित्रा की पुण्यतिथि मनाई
फ़िरोज़ खान
बारां 14 फरवरी। संकल्प सोसायटी मामोनी में सुश्री चारु मित्रा की 14 फरवरी 2019 को पुण्यतिथि मनाई गयी । जिसमें स्थानीय गांव के सैकड़ों महिला पुरुषों, युवाओं, बच्चों ने भाग लिया । पुण्यतिथि कार्यक्रम की शुरूआत सर्वधर्म प्रार्थना व महिला गीतों से हुई । जिसमें संगठन आधारित गीत “जब बन ही गया बहनों का संगठन— तोड़ तोड़ के बंधनों को आदि गीत गाये गये । उसके बाद चारुमित्रा के द्वारा किये गये कार्यो की सराहना करते हुए उपस्थित लोगों ने बारी बारी से अपने अनुभव बताए । संकल्प सोसायटी के कार्यकर्ता चन्दालाल भार्गव ने बताया कि चारु बहनजी संकल्प संस्था से 1991 में जुड़ी । उन्होंने क्षेत्र का भृमण कर यहाँ की परिस्थितियों को पहचाना । उन्होंने गांव गांव में भृमण कर महिला/पुरुषों के साथ बैठकें आयोजित करके महिलाओं की स्थिति को समझा और गांव गांव में महिलाओं का संगठन तैयार किया । महिला अधिकारों पर प्रकाश डाला और उनको हक अधिकार के लिए तैयार किया । वर्ष 2008 तक स्थाई रूप से निवास कर दोनों ब्लॉक में महिला विकास, बालिका शिक्षा एवं महिलाओं के क्षमतावर्धन के प्रशिक्षण आयोजित किये गये । जाग्रत महिला संगठन की कल्ली बाई व जसोदा बाईं ने बताया कि चारु बहनजी ने वर्ष 2002 में महिलाओं के छोटे छोटे समूह को मिलाकर एक बड़ा संगठन जाग्रत महिला संगठन का गठन किया । आज संगठन में सैकड़ों महिलाएँ है, जो गांव स्तर पर चारु बहनजी के काम को आगे बढ़ा रही है । इसके बाद कार्यक्रम में आये महिला पुरुषों ने बारी बारी से अपनी बात रखी । महिलाओं ने प्रमुख रूप से कहा कि चारु बहनजी महिलाओं को हर जगह मदद करती थी और महिलाओं का मनोबल बढ़ाती थी । इसके बाद सभी लोगो ने 2 मिनिट का मौन रखा । अंत मे सभी ने चारुमित्रा जी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी ।

चारु मित्रा ने सन 1991 से 2008 तक इस क्षेत्र में स्थाई रूप से रहकर कार्य किया । उस समय सहरिया समुदाय के लोगो की शेक्षणिक व आर्थिक स्थिति बहुत दयनीय थी । जिसमें। महिलाओं की स्थिति सबसे अधिक खराब थी । महिलाओं के साथ अन्याय, गेर बराबरी और शोषण किया जाता था । उन्होंने महिलाओं को सामूहिकता प्रदान की बराबरी का अहसास दिलाया और आत्मविश्वास जगाया। गांव में महिलाओं के समूह बनाये । उनमें आत्मविश्वास पैदा किया । समूहों को प्रशिक्षण दिलवाये । सन 2002 में जाग्रत महिला संगठन का गठन किया। 14 फरवरी 2008 को उनका आकस्मिक निधन हो गया परन्तु उन्होंने महिलाओं के संगठन को इतना मजबूत बना दिया कि वह आज भी कार्य कर रहा है । इस अवसर पर संगठन की जसोदा बाईं, बैजंती बाई, फूलवती बाई, चन्द्री बाईं, भूली बाई, कलियां बाई, लुमा बाई व संकल्प के कार्यकर्ता चन्दालाल भार्गव, पुरुषोत्तम सहरिया, अंगद सहरिया

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