निजी चिकित्सक अपना दुखड़ा लेकर विधायक जाट के पास पंहुचे, बोले सीज अस्पतालो को बिना शर्त खोलने के आदेश जारी करावे, दोहरे मापदंडों से समानता का अधिकार कुचला जा रहा

निजी चिकित्सक अपना दुखड़ा लेकर विधायक जाट के पास पंहुचे, बोले सीज अस्पतालो को बिना शर्त खोलने के आदेश जारी करावे, दोहरे मापदंडों से समानता का अधिकार कुचला जा रहा

लोकेश सोनी

भीलवाडा | शहर के दो निजी अस्पताल सिद्धी विनायक व स्वास्तिक हॉस्पीटल को सीज करने को लेकर दूसरे दिन सोमवार को सभी निजी अस्पतालों के साथ ही जांच लैब भी बंद रही। निजी अस्पतालों में सेवाएं बंद रहने से महात्मा गांधी अस्पताल सहित शहर के सीएचसी व पीएचसी पर भी मरीजों का भार बढ़ गया। उधर हॉस्पिटलों को कमियां दूर करने का समय देने के बजाय सीधा सीज कर देने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले प्रदेशभर में जिला मुख्यालयों से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजे गए। अन्य राज्यों में इस तरह के ज्ञापन देने की कार्यवाही की गई। भीलवाड़ा में आईएमए के अध्यक्ष डॉ. दुष्यंत शर्मा की अगुवाई में निजी चिकित्सक पूर्व मंत्री एवं मांडल विधायक रामलाल जाट की शरण में पहुंचे और भीलवाड़ा डेयरी में उन्हें मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर सीज अस्पताल को बिना शर्त खोलने के आदेश जारी करवाने की मांग की। इसके बाद जिला कलक्टर को भी ज्ञापनदिया गया।  ज्ञापन में बताया गया की जिला प्रशासन ने कानूनी शक्तियों का पूरी तरह दुरूपयोग कर अस्पताल को सीज किया है। अस्पताल प्रबंधन को कमियां दूर करने के लिए कुछ समय देना चाहिए था। प्रशासन की औचक कार्यवाही से चिकित्सकों में भारी रोष व्याप्त है ,सीज का कारण निर्धारित मापदंडों में कमी पाया जाना बताया गया है। ये वही मापदंड हैं जो किसी भी सरकारी चिकित्सालय में भी पूरे नहीं हैं ।और जो मापदंड बना कर रखे गए हैं उनको जब राजस्थान का कोई भी सरकारी चिकित्सालय पूरा नहीं करता है तो इन मापदंडों को हमारे यहां की परिस्थितियों के  अनुरूप पुन: निर्धारित करने की आवश्यकता है। इन दोहरे मापदंडों के कारण हमारा समानता का अधिकार कुचला जा रहा है। अभी कोरोना जैसी विश्वव्यापी महामारी में सरकार के साथ-साथ सभी निजी चिकित्सकों ने रात और दिन अपनी जान जोखिम में डालकर जनता को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने में जो मदद की है उसकी सरकार ने भी समय-समय पर प्रशंसा की है। ज्ञापन में निवेदन किया की इस प्रकरण में मुख्यमंत्री स्वयं संज्ञान लेते हुए शीघ्र ही उक्त कार्रवाई को तुरंत निरस्त करवाने के आदेश प्रदान करें। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाए ताकि भविष्य में इसकी पूनरावृत्ति नहीं हो। सहानुभूति पूर्ण आदेश प्रदेश के चिकित्सकों को राहत देगा और उन्हें संभावित प्रदेशव्यापी आंदोलन से रोक सकेगा ।
रात्रि में ऑनलाईन हुई राष्ट्रीय स्तरीय बैठक
हॉस्पिटलों को अचानक सीज करने के विरोध में बीती रात देशभर के चिकित्सक एक जुट हो गए। स्टेट आईएम के जोनल सेकेट्री डॉ. फरियाद मोहम्मद ने बताया की राष्ट्रीय स्तरीय ऑनलाईन बैठक में हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया एवं आईएमए के नेशनल सेकेट्री डॉ. मंगेट पाटे ने बैठक में भीलवाड़ा में प्रशासन द्वारा हॉस्पिटलों को सीज करने की कार्यवाही को कानूनी शक्तियों का दुरूपयोग बताया। निरीक्षण के दौरान अगर कोई कमियां पाई गई है तो उसे सुधारने का समय देना चाहिए। सुधार का समय नहीं देकर सीधे हॉस्पिटल सीज करना ज्यादती है। इस दौरान बैठक में आईएमए के स्थानीय अध्यक्ष डॉ. दुष्यंत शर्मा, सचिव डॉं. महेश गर्ग, उपाध्यक्ष डॉ. नरेश पोरवाल सहित कई पदाधिकारी व चिकित्सक  शामिल हुए।
संघर्ष समिति का गठन
आईएमए अध्यक्ष डॉ. दुष्यंत शर्मा ने बताया की इस मामले को लेकर संघर्ष समिति का गठन भी किया गया है। समिति में डॉ. केके भंडारी, डॉ. कैलाश काबरा, डॉ कुलदीप सिंह नाथावत, डॉ. योगेश दरगड़, डॉ. नरेश  पोरवाल, डॉ. परमजीत सिंह गंभीर, डॉ. मनीष चौधरी, डॉ हरीश मारू, डॉ. सुबोध जैन, डॉ. राजेंद्र सोमानी को शामिल किया गया है।

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