निजी स्कूल संचालकों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन,10 दिन में मांगें नहीं मानने पर दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

किशन खटीक/

रायपुर । निजी शिक्षण संस्थान, ब्लॉक रायपुर की ओर से बुधवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में गैर सरकारी विद्यालयों के साथ अपनाई जा रही दमनकारी नीतियों पर रोक लगाने और आरटीई (RTE) से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की गई है। संस्थान ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 10 दिनों के भीतर उनकी जायज मांगों का निस्तारण नहीं किया गया, तो प्रदेश के सभी निजी विद्यालय एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

संस्थान द्वारा सौंपे गए 12 सूत्रीय मांग पत्र में मुख्य रूप से निम्न मांगें शामिल हैं:

​शिक्षा संबलन निरीक्षण व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए।
​अभिभावकों से ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ (No Dues) के बिना टी.सी. जारी करने की बाध्यता हटाई जाए।
​आरटीई के तहत प्री-प्राइमरी कक्षाओं का बकाया भुगतान तुरंत शुरू किया जाए।
​सत्र 2018 से 2021 (कोविड काल सहित) के रुके हुए आरटीई भुगतान के बैरियर्स हटाकर राशि जारी की जाए।
​आरटीई यूनिट कॉस्ट में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि हो और पुस्तकों की राशि सीधे अभिभावकों के खाते में डाली जाए।
​बार-बार जांच एवं निरीक्षण के नाम पर स्कूल संचालकों को प्रताड़ित करना बंद किया जाए।
​निजी स्कूलों के लिए कोई भी योजना बनाते समय स्कूल संगठनों से विचार-विमर्श जरूर किया जाए।

​स्कूल संचालकों का कहना है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विपरीत जाकर निजी शिक्षण संस्थानों की प्रशासनिक और शैक्षणिक स्वायत्तता को सीमित कर रही है। ज्ञापन सौंपते समय संगठन के अध्यक्ष सहित रायपुर ब्लॉक के कई निजी स्कूलों के संचालक एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।